NEET Paper Leak: CNN-News18 के अनुसार, एक NEET उम्मीदवार, जिसने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा सेकंड डिवीजन में ग्रेस मार्क्स के साथ पास की थी, इस साल के लीक हुए पेपर की मदद से सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पा सकता था, अगर यह धोखाधड़ी पकड़ी नहीं जाती और परीक्षा रद्द नहीं होती।
CNN-News18 को इस छात्र, जिसका नाम ऋषि बिवाल बताया गया है, की मार्कशीट मिली है। इसमें उसने फिजिक्स में सिर्फ 9 अंक, केमिस्ट्री में 15 अंक और बायोलॉजी में 20 अंक प्राप्त किए थे। ये सभी थ्योरी पेपर 56-56 अंकों के थे। कम नंबर होने के कारण उसने बोर्ड परीक्षा ग्रेस मार्क्स की मदद से पास की थी।
जांचकर्ताओं का कहना है कि अगर कथित लीक नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ होता, तो ऋषि शायद NEET में 600 से अधिक अंक प्राप्त कर लेता - जो कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में आराम से सीट हासिल करने के लिए पर्याप्त अंक हैं।
कक्षा 12 की मार्कशीट और अनुमानित NEET प्रदर्शन के बीच का यह बड़ा अंतर अब पूरे देश में चल रही पेपर लीक जांच में सामने आए सबसे चौंकाने वाले मामलों में से एक बन गया है।
ऋषि वही छात्र है, जिसके लिए जमवारामगढ़ के बिवाल परिवार ने कथित तौर पर NEET का प्रश्नपत्र खरीदा था। यह परिवार NEET पेपर लीक घोटाले के केंद्र में बताया जा रहा है।
News 18 ने गुरुवार को रिपोर्ट किया था कि बिवाल परिवार के कई सदस्यों ने 2025 से NEET परीक्षा पास कर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया है।
भाई-बहन विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक ने परीक्षा उत्तीर्ण की और सरकारी कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 की परीक्षा में इनका प्रदर्शन सामान्य और औसत था, लेकिन 2025 में कथित रूप से लीक पेपर मिलने के बाद इन सभी ने लगभग 98 प्रतिशत तक अंक हासिल किए।
जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के ज्यादातर बच्चों ने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान में पढ़ाई किए अचानक बहुत ज्यादा अंक हासिल कर लिए। इस बार ऋषि को भी परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही थी, जिसने न केवल ग्रेस मार्क्स से 12वीं कक्षा पास की थी, बल्कि 10वीं कक्षा में मात्र 43% अंक ही प्राप्त किए थे।
एजेंसियों को शक है कि अगर पेपर लीक घोटाला सामने नहीं आता, तो ऋषि भी उच्च रैंक हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पा सकता था।
SOG ने CBI को राजस्थान के लगभग 150 छात्रों के बारे में जानकारी दी है। आरोप है कि इन छात्रों ने पेपर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरोपी मंगिलाल, दिनेश और विकास से हासिल किए थे।
12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी, जिससे भारत भर में 22.79 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों पर असर पड़ा। यह रद्दीकरण “गेस पेपर” लीक की बड़ी जांच के बाद हुआ, जिसमें ऐसे सवाल मिले थे जो लगभग असली परीक्षा के प्रश्नों से मिलते-जुलते थे। केंद्र सरकार ने इस पूरी जांच को सीबीआई को सौंप दिया है ताकि राज्यों में फैले इस पेपर लीक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
NTA को सबसे पहले 7 मई को एक मुखबिर से सूचना मिली, जो 3 मई को परीक्षा होने के चार दिन बाद थी। जांच एजेंसियों ने पाया कि एक हाथ से लिखा हुआ “गेस पेपर” या प्रश्न बैंक था, जिसे परीक्षा से पहले एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर फैलाया गया था।
बता दें कि NTA ने शुक्रवार को घोषणा की कि पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।