NEET PG 2026: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को NEET PG 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ कम करने के फैसले के बारे में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने बदले हुए क्वालिफाइंग क्राइटेरिया पर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। साथ ही, शीर्ष अदालत ने अभी किसी तरह का अंतरिम आदेश देने से भी इनकार कर दिया। नीट पीजी 2025-26 कटऑफ मामले की सुनवाई जस्टिस पी नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ कर रही है। यह मामला हरिशरण देवगन एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए एडवोकेट सत्याम सिंह राजपूत ने नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट पर समयबद्ध निर्देश देने की मांग की। कोर्ट को बताया गया कि नीट पीजी का रिजल्ट पहले ही जारी हो चुका है और नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। ऐसे में कमेटी की रिपोर्ट में और देरी होने से स्थिति जटिल हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए प्रतिवादी पक्ष को दो सप्ताह के भीतर कमेटी की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले को अब दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
याचिका में परसेंटाइल कम करने को दी गई है चुनौती
याचिका में नीट पीजी काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल कम किए जाने को चुनौती दी गई है। याचिका में खास तौर पर आरक्षित वर्ग के कटऑफ को घटाकर आमतौर पर “−40” स्कोर थ्रेशोल्ड के रूप में संदर्भित स्तर तक लाए जाने पर सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि क्वालिफाइंग मानकों में इस तरह की कमी से मेरिट प्रभावित हो सकती है और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के मानकों तथा मरीजों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
नीट पीजी 2025 कट-ऑफ कम हुआ: बदले हुए मार्क्स देखें
कैटेगरी मूल कट-ऑफ संशोधित कट-ऑफ
जनरल/EWS 276 मार्क्स 103 मार्क्स
जनरल PwBD 255 मार्क्स 90 मार्क्स
SC/ST/OBC 235 मार्क्स -40 मार्क्स
सुप्रीम कोर्ट ने NBEMS से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश का मतलब है कि एनबीईएमएस को नीट पीजी 2025 क्वालिफाइंग कटऑफ को कम करने का आधार बताना होगा। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसने बहुत कम या नकारात्मक स्कोर वाले उम्मीदवारों को पोस्टग्रेजुएट मेडिकल काउंसलिंग के लिए योग्य होने की इजाजत दी थी।