NEET-SS: नीट एसएस के जरिए सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश की इच्छा रखने वाले सभी उम्मीदवारों को इस खबर से राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नीट एसएस के जरिए सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए जरूरी अर्हता पर्सेंटाइल को 50 से घटाकर 30 कर दिया है। केंद्र सरकार के क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी से इस फैसले से लगभग 6,000 और उम्मीदवार स्पेशल राउंड के जरिए प्रवेश का मौका मिल सकेगा।
नीट एसएस की खाली सीटें भरने को उठाया कदम
सरकार की ओर से इस फैसले की जानकारी 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को दी गई। इसमें कहा गया कि सभी संबंधित हितधारकों से सलाह-मशविरा करने के बाद क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को घटाने पर सहमती बन गई है। जस्टिस पी एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच के समक्ष फाइल नोट में केंद्र ने कहा, "यह पक्का करने के लिए कि उपलब्ध सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली न रहें और उपलब्ध ट्रेनिंग कैपेसिटी का सबसे अच्छा इस्तेमाल हो।"
6000 कैंडिडेट को मिलेगा लाभ
सरकार ने कहा कि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी से लगभग 6,000 और कैंडिडेट स्पेशल राउंड के लिए योग्य हो जाएंगे। केंद्र ने कहा कि इससे मौजूदा खाली सीटों के मुकाबले करीब तीन गुना अधिक अभ्यर्थियों का पूल तैयार होगा।
नीट एसएस काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद, 1,857 सीटें खाली रह गई हैं। इनमें 1,094 डीएम/एम.सीएच. (DM/M.Ch.) सीटें और 763 डीएनबी-एसएस (DNB-SS) सीटें शामिल हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या में सीटें अत्यधिक विशिष्ट चिकित्सा (मेडिकल) और शल्य चिकित्सा (सर्जिकल) विषयों से संबंधित हैं।
सिर्फ वही कैंडिडेट लेंगे हिस्सा जिन्हें नहीं मिली सीट
हालांकि, प्रस्तावित विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड सिर्फ उन उम्मीदवारों के लिए होगा जिन्होंने पहले प्रवेश नहीं लिया है। केंद्र ने कहा है कि जो उम्मीदवार पहले से जॉइन कर चुके हैं, उन्हें अपग्रेड में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं होगी। सरकार का प्रस्ताव है कि यह राउंड स्ट्रे वैकेंसी राउंड पर लागू मौजूदा नियमों के हिसाब से होगा। इसमें पहले से सीट पक्की कर चुके कैंडिडेट्स को अपग्रेड करने का कोई प्रावधान नहीं होगा।
तमिलनाडु को कुछ समय के लिए वापस कीं 40 सीटें
केंद्र ने तमिलनाडु से जुड़ी 40 खाली इन-सर्विस सुपर स्पेशियलिटी सीटें कुछ समय के लिए राज्य सरकार को वापस करने पर भी सहमति जताई है। राज्य को एक हफ्ते के लिए अपना स्ट्रे वैकेंसी राउंड करने की इजाजत होगी। सरकार के नोट के मुताबिक, उस प्रक्रिया के बाद जो भी सीटें खाली रह जाएंगी, उन्हें नेशनल पूल में वापस कर दिया जाएगा और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा हैंडल की जाने वाली वैकेंसी में जोड़ दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था दोबारा विचार करने का सुझाव
केंद्र ने शुरू में क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में ढील दिए बिना एक स्पेशल स्ट्रे राउंड करने का फैसला किया था। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया। 10 सितंबर को, कोर्ट ने सरकार से सुपर स्पेशियलिटी सीटों की बड़ी संख्या को देखते हुए उस स्थिति पर फिर से विचार करने को कहा।