Nepal Flash Flood: गंडक नदी में आ सकता है 4 मीटर ऊंचा सैलाब! नेपाल में तबाही से यूपी-बिहार में अलर्ट, ये है सबसे बड़ा खतरा

Gandak river in Bihar: बिहार सरकार ने पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में बुधवार (26 अगस्त) को अचानक आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए पूरे इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा है। स्थिति से निपटने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। हालांकि, गंडक नदी में जलप्रवाह अब स्थिर हो गया है

अपडेटेड Aug 27, 2026 पर 10:31 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Nepal flood: नेपाल में तबाही से यूपी-बिहार के सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है

Nepal flood: पड़ोसी देश नेपाल में लगातार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई देने लगा है। नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई भयावहग बाढ़ से भारी तबाही होने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने उन इलाकों से लोगों को निकालने समेत आपात कदम उठाने शुरू कर दिए जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की।

नेपाल के रसुवा की भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ का पानी गंडक नदी के जरिए महाराजगंज और कुशीनगर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। गंडक नदी में जलस्तर अचानक 3 से 4 मीटर तक बढ़ने की आशंका है। बाढ़ का पानी बिहार के पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों को प्रभावित कर सकता है। रात के समय निगरानी के लिए बांधों पर जनरेटर लगाए गए हैं। गंडक नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तटबंधों पर तैनात कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल के बीच कुछ स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।


महराजगंज-कुशीनगर में बढ़ी चिंता

नेपाल में राप्ती नदी के उफान पर आने के बाद उसका असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है। प्रशासन को चिंता है कि नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी नदियों के जलस्तर को तेजी से बढ़ा सकता है। महराजगंज और कुशीनगर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। सिंचाई विभाग की टीमें बांधों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदियों, नालों तथा बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में जाने से बचें। विशेष रूप से नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर में बदलाव पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

फिलहाल, सबसे बड़ी चिंता नेपाल से आने वाले पानी और गंडक समेत दूसरी नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर है। अगले कुछ घंटों में पानी की स्थिति स्पष्ट होने के साथ यह पता चलेगा कि यूपी और बिहार के किन इलाकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव और राहत तंत्र को तैयार रखने का दावा किया है।

अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से की बात

पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। शाह ने कहा, "जिन सीमावर्ती इलाकों में इसका असर पड़ने की आशंका है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।"

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घबराने जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है। उसने बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के पास रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों की आवश्यक निकासी और उनकी सहायता के लिए अन्य कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

इन जिलों में हाई अलर्ट

बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिनके बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने में मदद के लिए गंडक नदी पर बने बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं।

जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से दिन में करीब 86,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

चौधरी ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर राज्य को पूरी रात सतर्क रहने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि बुधवार रात करीब 11 बजे नदी में पानी का बहाव चरम पर पहुंचने की आशंका है। इसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है।

ये भी पढ़ें- Nepal-China Border Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता

गंडक बैराज बिहार के सबसे उत्तरी जिले पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर में स्थित है। यह जिला नेपाल की सीमा से लगा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे करीब 163 लोगों की मौत हो गई। जबकि 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।