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नेपाल में मंडराया एक और बड़ा खतरा! ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा, बिहार-यूपी तक कैसा असर?

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद अब दो विशाल झीलों के बनने से नया खतरा पैदा हो गया है। ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, रसुवा जिले में भूस्खलन के मलबे ने नदियों का रास्ता रोक दिया है, जिससे ये झीलें बनी हैं। इनसे निकलने वाला अतिरिक्त पानी बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए चिंता बढ़ा सकता है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Aug 31, 2026 पर 4:13 PM
नेपाल में मंडराया एक और बड़ा खतरा! ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा, बिहार-यूपी तक कैसा असर?
ISRO द्वारा चिन्हित की गई लगभग 944 मीटर लंबी यह कृत्रिम झील सबसे बड़ी चिंता की वजह बनी हुई है

Nepal Update: नेपाल में आई हालिया तबाही के बाद अब एक और बड़े खतरे की घंटी बज गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सैटेलाइट तस्वीरों से एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में आए फ्लैश फ्लड के पीछे सिर्फ बारिश या कोई हिमस्खलन नहीं था। इसके मुताबिक रसुवा जिले में भूस्खलन के मलबे ने नदियों का रास्ता रोक दिया है। इससे वहां दो विशाल आर्टिफिशियल झीलें बन गई हैं। इसरो की तस्वीरों से मिली ये जानकारी भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ये उफान मारती नदियां अंततः बहकर कोसी और गंडक नदियों में मिलती हैं।

ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज

इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि लांगटांग लिरुंग माउंटन रेंज में एक भयंकर बर्फ-चट्टान हिमस्खलन हुआ। इसके चलते भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा और उसने नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह बाधित कर दिया। रास्ता बंद होने से नेपाल के रसुवा जिले में पानी की दो बड़ी झीलें बन गईं। इनमें से एक झील लगभग 19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। दूसरी झील का दायरा करीब 11 हेक्टेयर है। इनमें से एक झील की लंबाई लगभग 944 मीटर यानी करीब 1 किलोमीटर लंबी है।

बिहार और यूपी पर क्यों मंडरा रहा है खतरा?

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