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बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण में 5 अरब डॉलर का आएगा खर्च, नेपाल के अरबपति का बड़ा दावा

26 अगस्त को चीन के साथ नेपाल के पहाड़ी सीमावर्ती इलाके में अचानक आई बाढ़ ने गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और सड़कों व पुलों को बहा दिया। बाढ़ में होने वाली बर्बादी के बाद अब पुनर्निमार्ण में काफी खर्च आने वाला है, जो वहां कि सरकार और लोगों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 28, 2026 पर 12:48 PM
बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण में 5 अरब डॉलर का आएगा खर्च, नेपाल के अरबपति का बड़ा दावा
चौधरी ग्रुप सरकार, स्थानीय सहयोगियों और सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है और उसने अगले दो दिनों के भीतर विस्थापित लोगों के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया है।

देश के इकलौते अरबपति के मुताबिक, इस हफ़्ते आई भयानक बाढ़ के बाद नेपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने में कम से कम 5 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है। चौधरी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी ने ब्लूमबर्ग टीवी पर हस्लिंडा अमीन से कहा, "अगर खर्च इस स्तर तक पहुँच जाता है तो मुझे हैरानी नहीं होगी।" "यह सिर्फ़ पैसे की बात नहीं है, बल्कि इसमें लगने वाले समय और मुश्किल भौगोलिक स्थिति की भी बात है।"

चौधरी ग्रुप का कारोबार 12 क्षेत्रों में फैला है, जिसमें फ़ूड और टेलीकॉम से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग तक शामिल हैं। उन्होंने पुनर्वास प्रक्रिया और अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के बारे में कहा, "यह हमारे सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है।"

26 अगस्त को चीन से लगी नेपाल की पहाड़ी सीमावर्ती इलाक़े में अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) आ गई, जिससे कई गाँव डूब गए और सड़कें व पुल बह गए। पुलिस के अनुसार, कम से कम 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और लगभग 1,200 लोग लापता हैं, जिनमें सैकड़ों विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ग्लेशियर पिघलने से यह आपदा आई हो सकती है।

चौधरी ने कहा कि पूरी तरह से कामकाज ठप होते देख रहे हैं और बताया कि बिजली स्टेशन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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