Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार रात चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे कई लोग फंसे हो सकते हैं। फिलहाल, अभी बचाव कार्य जारी है और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत का बड़ा हिस्सा उस समय गिरा जब वहां काम चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि कमजोर और खराब हालत के कारण इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था, लेकिन आशंका है कि कुछ मजदूर हादसे के समय अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए।
NDRF की टीम ने शुरुआत में मलबे से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद भी मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने का काम लगातार जारी है।
अधिकारी खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। शुरुआती रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, यह संख्या 9 तक पहुंच गई।
देवेंद्र फडणवीस ने दी प्रतिक्रिया
अब इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तुरंत FIR दर्ज करने और सक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने 'X' पर एक ट्वीट में कहा, "भिवंडी में इमारत गिरने से हुई लोगों की मौत की घटना बेहद दुखद है। मैं उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम इन परिवारों के दुख में शामिल हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर को इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। घायलों का इलाज किया जा रहा है। मैं ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।"
पीएम मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों।"
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिल्डिंग की पहचान कोहिनूर अपार्टमेंट के तौर पर हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के नगर निगम ने इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था।
शहर के मेयर नारायण चौधरी ने कहा, "भिवंडी में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें खतरनाक घोषित किया गया है। हम फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को सलाह दूंगा कि वे तुरंत इन्हें खाली कर दें।"