प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के बढ़े दाम, जानिए नॉर्मल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी होगी बढ़ोतरी

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने अपने बयान में बताया कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 71 डॉलर से बढ़कर 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी गई हैं

अपडेटेड Mar 20, 2026 पर 11:19 PM
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ईरान में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है।

मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन के वजह से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है। इसका असर भारत पर भी दिखना शुरू हो गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने प्रीमियम पेट्रोल (petrol price hike) और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों (diesel price Hike) में बढ़ोतरी कर दी है। देश में प्रीमियम पेट्रोल 2.09 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। वहीं इंडस्ट्रियल डीजल के दाम 22.03 रुपये बढ़ गए हैं। हालांकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है।

सामने आई ये जानकारी 

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं>कंपनी ने यह भी बताया कि सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल XP-95 की कीमत में हल्का बदलाव किया गया है, जो कुल खपत का छोटा हिस्सा होता है। XP-95 के दाम में करीब 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि आम ईंधन की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं।


कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें 

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने अपने बयान में बताया कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 71 डॉलर से बढ़कर 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी गई हैं। कंपनी का कहना है कि ऐसे समय में, जब वैश्विक स्तर पर तेल महंगा हो रहा है, घरेलू कीमतों को स्थिर बनाए रखना ज्यादा जरूरी हो जाता है, और इसी को ध्यान में रखते हुए भारत में आम इस्तेमाल वाले ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं, ताकि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि प्रीमियम ईंधन का उपयोग आम पेट्रोल और डीजल के मुकाबले काफी कम होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का असर आम लोगों पर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने यह भी भरोसा दिलाया कि देशभर में ईंधन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी और किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। कंपनी ने कहा कि वैश्विक हालात चाहे जैसे भी बदलें, उनका लक्ष्य साफ है—लोगों तक लगातार ईंधन पहुंचाना, कीमतों को जिम्मेदारी से तय करना और भरोसेमंद सेवा देना।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ी हैं। इसके बावजूद भारत में खुदरा ईंधन के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि सरकारी तेल कंपनियाँ कच्चे तेल की बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद उठाकर आम लोगों को अचानक महंगाई से बचाने की कोशिश कर रही हैं।

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