अब नहीं मिलेगा LPG गैस सिलेंडर! सरकार का बड़ा आदेश- PNG कनेक्शन लेना जरूरी, वरना कट जाएगा कनेक्शन

LPG Control Order 2026 Rules: क्या आपकी रसोई से भी अब लाल एलपीजी सिलेंडर की हमेशा के लिए छुट्टी होने वाली है? सरकार ने 'एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026' के तहत नया फरमान जारी किया है, जिसके बाद जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां एलपीजी और पीएनजी दोनों एक साथ रखना गैर-कानूनी होगा। नोटिस मिलने के बाद भी अगर पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया, तो आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा

अपडेटेड Aug 23, 2026 पर 4:03 PM
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आपकी रसोई से भी अब लाल एलपीजी सिलेंडर की हमेशा के लिए छुट्टी होने वाली है!

LPG Control Order 2026 Rules: भारत सरकार ने देश में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी कर एलपीजी सिलेंडरों की जगह पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने को कहा है। इसके पीछे कई वजह आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

नए 'एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026' और 'नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026' के तहत अब उन इलाकों में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानी आप अब LPG सिलेंडर नहीं यूज कार पाएंगे।

PNG लेना अनिवार्य, वरना कट जाएगा LPG सिलेंडर कनेक्शन


पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल की ओर से राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र के मुताबिक, सरकार ने एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने के नियमों को सख्त कर दिया है। जिन सोसायटियों या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां के उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। अगर तय नोटिस मिलने के बावजूद कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करता है, तो उसका LPG सिलेंडर कनेक्शन अपने आप रद्द कर दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट संकट और भारत का बड़ा सबक

सरकार द्वारा पीएनजी पर अचानक इतना जोर देने की सबसे बड़ी वजह हालिया पश्चिम एशिया संकट और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में हुआ व्यवधान है। भारत अपनी घरेलू रसोई गैस (LPG) की जरूरतों के लिए काफी हद तक कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट जंग के कारण एलपीजी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

आयातित एलपीजी की तुलना में घरेलू पीएनजी सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और मजबूत साबित हुई क्योंकि इसे घरेलू प्राकृतिक गैस का प्राथमिकता आवंटन मिलता है। पीएनजी से अंतरराष्ट्रीय युद्ध और लॉजिस्टिक्स रुकावटों का असर नहीं पड़ता।

हर जिले में बनेगी 'PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी'

पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को हर क्षेत्र में 'पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी' (PCC) गठित करने का निर्देश दिया गया है।

राज्यों से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं जो आरडब्ल्यूए (RWA) और सोसायटियों से परमिशन और राइट ऑफ वे दिलाने में मदद करेंगे।

पीएनजी अपनाने के 4 बड़े फायदे

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पीएनजी में शिफ्ट होने से आम जनता और देश दोनों को सीधा फायदा होगा:

सस्ता और सुविधाजनक: पीएनजी सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सस्ती, सुरक्षित और बिना रिफिलिंग के 24x7 मिलने वाली रसोई गैस है।

सिलेंडर बुकिंग का झंझट खत्म: उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने या डिलीवरी का इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स का बोझ कम: सड़कों पर सिलेंडरों के परिवहन और भारी-भरकम गाड़ियों का बोझ कम होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही इस्तेमाल: सरकारी और प्राइवेट कंपनियों द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने में किए गए अरबों रुपये के निवेश का सही उपयोग हो सकेगा।

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