Noida Master Plan: 13,000 किसानों को मिलेगा बड़ा तोहफा! आबादी के पास 5% वाला विकसित प्लॉट मिलने का रास्ता साफ

Noida Master Plan 2031: नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2031 में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए अपनी जमीन देने वाले करीब 13,000 किसानों के वर्षों पुराने इंतजार को खत्म कर दिया है। अब गांव की आबादी से सटी जमीन पर 5% विकसित प्लॉट्स का आवंटन किया जाएगा। हाजीपुर, सलारपुर, भंगेल और सोरखा जैसे गांवों में इस फैसले से रियल एस्टेट और जमीनों के दाम तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। जानें पूरी प्रक्रिया और बोर्ड अप्रूवल की पूरी जानकारी

अपडेटेड Oct 30, 2026 पर 1:43 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
किसान सालों से मुआवजे के रूप में मिलने वाले प्लॉट का इंतजार कर रहे थे

Noida Abadi Plots Master Plan 2031: नोएडा प्राधिकरण ने करीब 13,000 किसानों के लंबे समय से लंबित मुआवजे और प्लॉट आवंटन के विवाद को सुलझाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्राधिकरण ने अपने मास्टर प्लान 2031 के जोनिंग रेगुलेशंस के नियम 7.3.1 में संशोधन किया है।

इस फैसले के बाद उन किसानों के लिए 5% विकसित आवासीय प्लॉट्स मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्होंने विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीनें दी थीं लेकिन सालों से मुआवजे के रूप में मिलने वाले प्लॉट का इंतजार कर रहे थे।

इस मास्टर प्लान संशोधन से नोएडा के हाजीपुर, सलारपुर, भंगेल और सोरखा जैसे शहरी गांवों और विकसित सेक्टरों के पास बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार होगा और जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।


क्या है पूरा विवाद और मास्टर प्लान में संशोधन?

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की नीति के तहत अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को क्रमशः 5%, 6% और 7% डेवलप्ड प्लॉट्स आवंटित किए जाते हैं।

मास्टर प्लान 2031 के अंतिम चरण में होने और सेक्टरों के पूर्ण विकास के कारण अब मौजूदा आबादी के पास उपयुक्त खाली जमीन की पहचान करना और आवंटन करना कठिन हो गया था।

प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि अब मौजूदा गांव की आबादी के साथ सटी हुई जमीनों पर 5% आबादी प्लॉट्स चिन्हित किए जाएंगे।

इस संशोधन प्रस्ताव पर अब सार्वजनिक रूप से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे, जिसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।

करीब 13,000 किसानों को सीधा फायदा

वर्ष 1976 में नोएडा के गठन से लेकर 2020 के बीच 69 गांवों में लगभग 12,375 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2021 की ऑडिट रिपोर्ट और किसान संगठनों के दावों के अनुसार, करीब 12,800 से 13,000 किसान ऐसे हैं जिन्हें जमीन देने के बावजूद अभी तक उनके हिस्से के विकसित प्लॉट नहीं मिले थे।

हाल ही में भारतीय किसान यूनियन (मंच) के बैनर तले किसानों ने सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण दफ्तर पर जोरदार प्रदर्शन किया था और 10% के बराबर आवासीय प्लॉट तथा अतिरिक्त मुआवजे की मांग की थी।

इन शहरी गांवों में दिखेगा 'रेजिडेंशियल बूम'

प्राधिकरण के इस कदम से नोएडा के प्रमुख शहरी गांवों और उनसे सटे आवासीय सेक्टरों में विकास की रफ्तार तेज होगी:

प्रभावित गांव: हाजीपुर, सलारपुर, भंगेल और सोरखा।

प्रॉपर्टी के दामों में उछाल: विकसित सेक्टरों के पास आबादी प्लॉट्स का आवंटन होने से इन इलाकों में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में तेजी आएगी और रियल एस्टेट व जमीनों के दाम बढ़ेंगे।

हाई-पावर्ड कमेटी का गठन: फरवरी 2024 में यूपी सरकार ने राजस्व परिषद अध्यक्ष रजनीश दुबे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट अगस्त 2024 में सौंपी थी।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।