Noida E-Bus Expansion: नोएडावासियों के लिए खुशखबरी! अगले 4 महीनों में चलेंगी 225 नई ई-बसें; जुड़ेंगे नए सेक्टर्स और गांव

Noida E-Bus Expansion: नोएडा अथॉरिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए अपनी मौजूदा 100 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 225 और बसें जोड़ने और पूरे शहर में बस स्टॉप बनाने की योजना बना रही है। इन बसों की संख्या बढ़ने से नए रूट शुरू किए जा सकेंगे।

अपडेटेड Sep 18, 2026 पर 10:46 AM
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नोएडावासियों के लिए खुशखबरी! अगले 4 महीनों में चलेंगी 225 नई ई-बसें

Noida E-Bus Expansion: नोएडा अथॉरिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए अपनी मौजूदा 100 इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 225 और बसें जोड़ने और पूरे शहर में बस स्टॉप बनाने की योजना बना रही है। इन बसों की संख्या बढ़ने से नए रूट शुरू किए जा सकेंगे, जिससे ज्यादा सेक्टरों और गांवों को बस सेवा से जोड़ा जा सकेगा।

बता दें कि इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। जुलाई में करीब 1.5 लाख लोगों ने ई-बसों से सफर किया, जबकि अगस्त में यह संख्या बढ़कर 3.4 लाख हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों से रोजाना करीब 5 लाख रुपये की कमाई हो रही है।

3 से 4 महीनों में नई बसें होंगी शामिल


नोएडा के CEO कृष्णा करुणेश ने कहा कि नई बसें तीन से चार महीनों में मौजूदा बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। CEO ने कहा, "इनमें से लगभग 125 बसें UPSRTC चलाएगा, जबकि 100 बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल के तहत चलेंगी। हम उन जगहों की पहचान करने के लिए सर्वे भी कर रहे हैं जहां बस स्टॉप बनाने की जरूरत है।"

जानकारी के मुताबिक, GCC मॉडल के तहत, सरकार या अथॉरिटी बस नेटवर्क को कंट्रोल करती है, जबकि एक प्राइवेट कंपनी बसों को चलाती है और उनका रखरखाव करती है।

वहीं, UPSRTC जिले में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के साथ मिलकर सिटी बस सर्विस चलाती है, जिसमें अथॉरिटी ही रूट, किराया, समय और ऑपरेशन से जुड़ी दूसरी बातें तय करती हैं।

अभी 5 रूटों पर चलती है बस

फिलहाल अभी नोएडा में बसें बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड से शुरू होने वाले पांच रूट पर चलती हैं और उनका रखरखाव भी किया जाता है।

नोएडा में अभी बसें पांच रूट पर चलती हैं। ये बसें बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौर चौक और एक मूर्ति, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर 62, सूरजपुर कलेक्ट्रेट और दिल्ली में आनंद विहार तक जाती हैं। बता दें कि इन स्टॉप से ​​बसें हर 20 मिनट में चलती हैं।

वहीं, बसों की संख्या बढ़ने पर नए रूट शुरू किए जाएंगे ताकि ज्यादा सेक्टर और गांवों को जोड़ा जा सके। नोएडा अथॉरिटी ने लोगों के सुझाव और शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2877 भी जारी किया है।

यात्री ने दी जानकारी

एक यात्री गौरव कुमार ने TOI को बताया, "बस सर्विस से आना-जाना आसान और सस्ता हो गया है। लेकिन नेटवर्क को और बढ़ाने की जरूरत है। ज्यादा बसें, तय समय और ठीक से मार्क किए गए बस स्टॉप होने से इंतजार का समय कम होगा। अभी बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड के अलावा शहर में मुझे कोई और बस स्टैंड नहीं दिखता और लोगों को पता नहीं होता कि बसें कहां मिलेंगी।"

उन्होंने कहा कि जब बस नेटवर्क अच्छा और भरोसेमंद हो जाएगा, तो लोग आखिरी पड़ाव तक पहुंचने (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) के लिए अपनी कार, ऑटो या कैब के बजाय बस का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे।

100 बसों से शुरू हुई थी सिटी बस सेवा

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जून को 100 बसों के साथ सिटी बस सेवा शुरू की थी। इनमें से 50 बसें नोएडा में और 25-25 बसें ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इलाके में चलाई गईं। ये बसें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी जोड़ती हैं।

हालांकि, जब से ये बसें सड़कों पर उतरी हैं, यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें सबसे बड़ी समस्या इन रूटों पर तय स्टॉप का न होना है। कई यात्रियों ने टाइम-टेबल या जरूरी जानकारी न होने की शिकायत की है, जिससे उन छात्रों और काम पर जाने वाले लोगों के लिए यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो जाता है जो नियमित रूप से इन रूटों का इस्तेमाल करते हैं।

वहीं, शहर में चार अलग-अलग बस  शेल्टर बनाए गए हैं, लेकिन अब तक इनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुआ है।

बॉटनिकल गार्डन बस स्टॉप पर बढ़ी अव्यवस्था

TOI की एक पिछली रिपोर्ट में बॉटनिकल गार्डन बस स्टॉप पर फैली अव्यवस्था का जिक्र किया गया था, जो नोएडा में कम से कम चार रूटों का शुरुआती पॉइंट है। वहां सड़क किनारे सामान बेचने वालों ने जगह घेर रखी थी और ओवरफ्लो हो रहे नालों की वजह से गंदगी फैली हुई थी। स्टॉप के पास ऑटो, ई-रिक्शा और प्राइवेट बसों के खड़े होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती थीं।

उस समय TOI से बात करने वाले अधिकारियों ने कहा था कि वे अभी भी कामकाज को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने में थोड़ा और समय लगेगा।

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