Noida Protest : नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, आगजनी तोड़फोड़ के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने लिया ये फैसला

Noida Labour Protest : उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के विरोध से बने हालात को संभालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस मामले को सुलझाने और सभी पक्षों के बीच तालमेल बनाने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। इस बारे में अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी। दरअसल, नोएडा में फैक्ट्री मजदूर सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गया

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 6:12 PM
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नोएडा सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया।

Noida Labour Protest : नोएडा सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। नोएडा के सेक्टर 84 में आज प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। नोएडा में हुए इस उग्र प्रदर्शन की आंच लखनऊ तक पहुंच गई है। वहीं अब इस प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

सीएम योगी ने लिया बड़ा फैसला 

उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों के विरोध से बने हालात को संभालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस मामले को सुलझाने और सभी पक्षों के बीच तालमेल बनाने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई है। इस बारे में अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी। दरअसल, नोएडा में फैक्ट्री मजदूर सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गया। कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे हालात बिगड़ गए।


बनाई गई ये कमेटी

अधिकारियों के मुताबिक, ये कमेटी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनाई गई है। जिसका मकसद जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य करना है। बताया जा रहा है कि समिति के सदस्य नोएडा पहुंच चुके हैं और वे मजदूरों, उद्योग से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत शुरू कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए इस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए।

राज्य सरकार के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, बनाई गई यह समिति गौतम बुद्ध नगर में चल रही औद्योगिक अशांति को खत्म करने के लिए काम करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य आपसी बातचीत और तालमेल के जरिए फैक्ट्रियों का कामकाज बिना रुकावट के सही तरीके से चलाना सुनिश्चित करना है।

निकाला जाएगा रास्ता

इस समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) विभाग, श्रम एवं रोज़गार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और श्रम आयुक्त भी इसके सदस्य होंगे। इसके अलावा, समिति में मज़दूर संगठनों के पांच प्रतिनिधि और उद्योग से जुड़े संगठनों के तीन प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं, ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके और सही समाधान निकाला जा सके। आदेश में साफ कहा गया है कि यह समिति अपनी सिफारिशें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द सरकार को सौंपेगी, ताकि स्थिति को जल्दी सामान्य किया जा सके।

महौल खराब करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई 

अधिकारियों ने यह भी साफ कहा है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अगर कोई व्यक्ति अपने निजी फायदे या राजनीतिक मकसद से हालात बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर समस्या का सही और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा। सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। साथ ही, बातचीत के जरिए हालात को सामान्य करने और मज़दूरों की समस्याओं को समझकर उन्हें दूर करने की लगातार कोशिश की जा रही है।

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