Noorullah Noori statement: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से जारी हिंसक संघर्ष के बीच तालिबान मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। नूरी ने पाकिस्तान से अफगानिस्तान के इतिहास से सबक लेने की सलाह दी है। उन्होंने पाक सेना और इंटेलिजेंस को अपनी हद में रहने की भी नसीहद दी है। अफगानिस्तान के सीमा, जनजाति और जनजातीय मामलों के मौजूदा मंत्री नूरी ने पाकिस्तान को अफगान लोगों के सब्र का इम्तिहान न लेने के प्रति आगाह किया है। हाल में दोनों पक्षों के बीच बढ़े तनाव के बीच नूरी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर इस्लामिक अमीरात चाहे तो दो दिनों के अंदर पेशावर में अफगान झंडा फहराया जा सकता है।
‘अफगानिस्तान के इतिहास से सीखें’
नूरी ने पाकिस्तान के लिए ये चेतावनी काबुल में एक सभा को संबोधित करते हुए जारी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी को अफगानिस्तान को ऐतिहासिक, विचारधारा, राजनीतिक और प्रैक्टिकल नजरिए से समझने की जरूरत है। तालिबान मंत्री ने सोवियत यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स सहित देश में युद्ध लड़ने वाली बड़ी ताकतों के हश्र की ओर इशारा किया।
नूरी का दावा, दो दिन में पेशावर में अफगान झंडा
नूरी ने पाकिस्तान को दी चेतावनी में पेशावर का जिक्र किया। उन्होंने आगे कहा, तालिबान की किसी भी खतरे का जवाब देने की काबिलियत रखता है। नूरुल्लाह नूरी ने दावा किया कि अगर इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान चाहे, तो दो दिन के अंदर पेशावर में अफगान झंडा फहराया जा सकता है। पेशावर का जिक्र ऐसे समय में बयानबाजी की पिच को काफी बढ़ा देता है जब काबुल और इस्लामाबाद के बीच रिश्ते बढ़ते तनाव में हैं।
अपने संबोधन में नूरी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा अफगानिस्तान अपने पड़ोसियों के साथ टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर खतरा हुआ तो वह जवाब देगा। उन्होंने पाकिस्तान को अफगानिस्तान को और आगे बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी, और तालिबान को दबाव में पीछे हटने के बजाय किसी भी मिलिट्री खतरे का सामना करने के लिए तैयार दिखाया। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और हिंसक संघष में इजाफा देखने को मिला है। दोनों देश एक-दूसरे पर बॉर्डर पार से आतंकवाद को लेकर आरोप लगाते रहे हैं।
तालिबान के हथियारबंद विरोधियों को चेतावनी
नूरी ने इस भाषण का इस्तेमाल तालिबान सरकार का विरोध करने वाले हथियारबंद समूहों को भी मैसेज देने के लिए किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को "आजाद" कराने की इच्छा रखने वाले लोग क्या चाहते हैं ? उन्होंने देश के बाहर रहने वाले विरोधियों से वापस लौटने और बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने की अपील की। तालिबान मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान सभी अफगानों का है और इस्लामिक अमीरात अपने विरोधियों के साथ बातचीत और समझ के लिए तैयार है।