लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार क्यों है खास? अजीत डोभाल को मिला सम्मान, जानिए इसका पूरा इतिहास

अमित शाह ने कहा कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नियुक्त करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेनाओं को आधुनिक बनाने, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने, नई तकनीक अपनाने और उनकी संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किए

अपडेटेड Aug 01, 2026 पर 8:25 PM
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

पुणे में शनिवार को एक समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान देश की सेनाओं की रक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता में बड़ा सुधार हुआ है। बता दें कि, यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर देश और समाज के लिए बेहतरीन काम करने वाले लोगों को दिया जाता है।

अजीत डोभाल को मिला सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने में भी डोभाल का बड़ा योगदान रहा है। शाह के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण फैसलों में अजीत डोभाल की सलाह और भूमिका अहम रही है। भारत अब लोकमान्य तिलक के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों पर आगे बढ़ रहा है और सरकार इस रास्ते पर मजबूती से काम करती रहेगी। अमित शाह ने कहा, "पिछले 12 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की सेनाओं की रक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को नई मजबूती दी है। इस बदलाव में अजीत डोभाल का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।"


अमित शाह ने कहा कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नियुक्त करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेनाओं को आधुनिक बनाने, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने, नई तकनीक अपनाने और उनकी संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किए। शाह के अनुसार, इन सभी महत्वपूर्ण कदमों में अजीत डोभाल ने सलाहकार के रूप में अहम भूमिका निभाई। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने में भी अजीत डोभाल का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर महत्वपूर्ण फैसले में डोभाल की सलाह और भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

कब शुरू हुआ था यह सम्मान?

तिलक स्मारक ट्रस्ट ने बताया कि लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी। यह सम्मान सबसे पहले समाजवादी नेता एस. एम. जोशी को दिया गया था। यह पुरस्कार हर वर्ष 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने देश की प्रगति और विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

इस हस्तियों को मिल चुका है सम्मान

सबसे पहले यह पुरस्कार समाजवादी नेता एसएम जोशी को प्रदान किया गया था। पिछले वर्षों में यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को मिल चुका है।

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