NEET-UG 2026 की हो चुकी परीक्षा अब रद्द कर दी गई है। पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। केंद्र सरकार ने अब इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। पेपर लीक ये जांच एक छोटे से WhatsApp मैसेज से शुरू हुई, जिस पर लिखा था- “Forwarded many times”। जांच एजेंसियों को शक हुआ कि यह सिर्फ एक-दो लोगों तक सीमित मामला नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर पेपर लीक हुआ है।
इसके बाद मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख बाद में बताई जाएगी। इस साल करीब 22 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। NTA ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी।
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में सामने आया कि कथित “गेस पेपर” सबसे पहले राजस्थान के सीकर के रहने वाले राकेश मंडावरिया ने देहरादून से शेयर किया था। यह पेपर पहले केरल में पढ़ रहे चूरू के एक MBBS छात्र तक पहुंचा। फिर उस छात्र ने इसे सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
इसके बाद यह पेइंग गेस्ट (PG) चलाने वाले एक व्यक्ति तक पहुंचा, जिसने इसे कई छात्रों में बांट दिया। फिर छात्रों और करियर काउंसलरों के जरिए यह तेजी से फैलता गया। पुलिस को शक है कि इस गेस पेपर की प्रिंट कॉपी भी निकाली गई थी, जिससे जांच और मुश्किल हो गई है।
जिस PG मालिक ने पुलिस में शिकायत की थी, अब वही खुद जांच के घेरे में है। पुलिस को शक है कि हो सकता है उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए ये शिकायत की हो।
150 पन्नों की PDF में 400 से ज्यादा सवाल
SOG के मुताबिक, इस 150 पन्नों की PDF में 400 से ज्यादा सवाल थे, जिनमें से करीब 120 सवाल असली परीक्षा में आए। पुलिस का कहना है कि यह गेस पेपर छात्रों के पास परीक्षा से कई हफ्ते पहले पहुंच चुका था।
अब तक SOG ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें छात्र और करियर काउंसलर भी शामिल हैं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने दो हफ्तों तक मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया और सच्चाई छिपाने की कोशिश की।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है।
उसने कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर NTA की ओर से तथ्यों को परखे जाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से साझा की गई जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने तीन मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को भारत सरकार की मंजूरी से रद्द करने और अलग से अधिसूचित तिथियों पर परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्णय लिया है।’’
नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।
एजेंसी ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि ‘वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं है।