Odisha Tribal Clashes: ओडिशा के रायगड़ा जिले में सिजिमाली बॉक्साइट खदान तक सड़क निर्माण को लेकर भुवनेश्वर में मंगलवार को स्थानीय आदिवासियों के साथ हुई झड़प में कम से कम 58 पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि इस झड़प में कुल 70 लोग घायल हुए। स्थानीय आदिवासी जिले के काशीपुर ब्लॉक के शागाबारी गांव में सड़क परियोजना का कड़ा विरोध कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों पर तलवारों, कुल्हाड़ियों और पत्थरों से हमला किया।
ADG (कानून व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों को रायगड़ा और विशाखापत्तनम के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि भीड़ के पथराव में कुछ महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं। रायगड़ा AP स्वाति एस कुमार ने बताया कि लगभग 250 ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया, जब वे काशीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के कांतमाल गांव में 14 आपराधिक मामलों में वांछित एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने गए थे।
भीड़ हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए
PTI की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आरोपी व्यक्ति उन आदिवासी नेताओं में से एक था जिन्होंने सिजिमाली खदानों तक सड़क निर्माण का विरोध किया था। ADG (कानून व्यवस्था) संजय कुमार ने PTI को बताया, "महिला पुलिसकर्मियों समेत हमारे कर्मियों को घेर लिया गया और उन पर कुल्हाड़ी, धनुष-बाण, तलवार और पत्थरों से हमला किया गया। आत्मरक्षा में हमने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और घायलों को सुरक्षित निकाला।"
6 घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
तीन महिलाओं सहित छह घायल पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए विशाखापत्तनम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल अधिकारियों में रायगड़ा के SDPO गिरिशंकर साहू और काशीपुर पुलिस स्टेशन के IC देव मल्लिक शामिल हैं।
इस बीच, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शागाबारी गांव में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं।
रायगड़ा कलेक्टर ने आदिवासियों से की बातचीत
एक अधिकारी ने बताया कि रायगड़ा कलेक्टर कुलकर्णी आशुतोष सी ने मौके पर जाकर आंदोलन कर रहे आदिवासियों से बातचीत की।
दूसरी ओर, आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठन 'सचेतन नागरिक मंच' ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में 10 ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।
मंच के नेता नरेंद्र मोहंती ने दावा किया, "सशस्त्र पुलिसकर्मी गैर-जमानती वारंट तामील करने के नाम पर गांव गए और ग्रामीणों पर हमला किया। कम से कम 10 लोग घायल हुए, जिनमें छह महिलाएं शामिल हैं।"
आदिवासी संगठन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को लिखे पत्र में संगठन ने उनसे तुरंत हस्तक्षेप करने और क्षेत्र से पुलिस बल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थानीय आदिवासी एक निजी खनन कंपनी के लिए बनाई जा रही सड़क के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
मंच के नेता मोहंती ने कहा कि काशीपुर क्षेत्र के स्थानीय लोग 2023 में ओडिशा सरकार द्वारा एक निजी कंपनी को सिजिमाली बॉक्साइट खदान आवंटित किए जाने के बाद से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन कंपनी को सिजिमाली बॉक्साइट खदान तक सड़क निर्माण में सहायता कर रहा था।
CPI (M) की ओडिशा इकाई के सचिव सुरेश पाणिग्रही ने पुलिस कार्रवाई और राज्य सरकार की नीति की निंदा की।
पाणिग्रही ने कहा, "हम तत्काल निषेधाज्ञा और सुरक्षा बलों की वापसी, पहले गिरफ्तार किए गए विस्थापन विरोधी नेताओं की रिहाई और सड़क निर्माण रोकने की मांग करते हैं।"