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ONGC का महा-प्लान: मंगलुरु में जमा होगा 17.5 लाख टन कच्चा तेल, दुनिया में संकट आने पर भी नहीं रुकेगा भारत

ONGC Strategic Petroleum Reserve: देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता कंपनी ओएनजीसी दक्षिण भारत के मंगलुरु में 17.5 लाख टन क्षमता का एक नया 'नेशनल स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' यानी रणनीतिक कच्चा तेल भंडार बनाएगी। अंतरराष्ट्रीय मुसीबत के समय जब विदेशों से तेल आना बंद हो जाए, तब देश के कामकाज को बिना रुकावट चलाने के लिए इन 'स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' में जमा तेल का इस्तेमाल किया जाता है

Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 10, 2026 पर 1:02 PM
ONGC का महा-प्लान: मंगलुरु में जमा होगा 17.5 लाख टन कच्चा तेल, दुनिया में संकट आने पर भी नहीं रुकेगा भारत
भारत अपनी जरूरतों का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है

ONGC Strategic Petroleum Reserve: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। समुद्री रास्तों पर ब्लॉकबेड के खतरों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। देश की सबसे बड़ी तेल और गैस खोजकर्ता कंपनी ओएनजीसी (ONGC) दक्षिण भारत के मंगलुरु में 17.5 लाख टन क्षमता का एक नया 'नेशनल स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' (SPR) यानी रणनीतिक कच्चा तेल भंडार बनाएगी।

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी है। आइए समझते हैं कि स्ट्रैटेजिक ऑयल रिजर्व क्या होता है और संकट के समय यह भारत के लिए कितना जरूरी साबित होगा।

क्यों पड़ी नए ऑयल रिजर्व की जरूरत?

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश होने के कारण भारत अपनी जरूरतों का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। हाल ही में ईरान पर इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद जब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के समुद्री रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया, तो भारत को कच्चे तेल की सप्लाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

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