देश में चीनी के साथ प्याज की बढ़ती कीमतों ने भी आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों में प्याज राष्ट्रीय औसत से भी महंगा बिक रहा है। इन बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार अब महाराष्ट्र के नासिक से एक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने जा रही है। इस एक्सप्रेस ट्रेन का नाम ‘कांदा एक्सप्रेस’ है। सरकार आज से नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी में प्याज की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस ट्रेन के जरिए इन शहरों तक प्याज की खेप पहुंचाई जाएगी। क्योंकि इन शहरों में प्यान की कीमत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।
सरकार कम कीमत पर प्याज की उपलब्ध कराएगी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज के बढ़ते दाम को काबू में रखने के लिए सरकार बाजार में कम कीमत पर प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की योजना बना रही है। सरकार को आशंका है कि कुछ कारोबारी जानबूझकर प्याज के दाम बढ़ा सकते हैं। लेकिन, आने वाले महीनों की जरूरत पूरी करने के लिए सरकार और किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में प्याज का स्टॉक मौजूद होने की बात कही गई है। इससे बाजार में सप्लाई बनाए रखने और कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
देश भर में बढ़ रह प्याज के दाम
प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को प्याज का औसत भाव 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 45% ज्यादा है। वहीं, पिछले एक महीने में इसके दाम में करीब 19% की बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के कई शहरों में प्याज की कीमत में काफी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह करीब 35 रुपये था। इसी तरह चेन्नई में प्याज 58 रुपये किलो बिक रहा है, जो एक साल पहले 33 रुपये प्रति किलो था। केरल और असम के कुछ इलाकों में भी प्याज के दाम सामान्य से काफी ऊपर चल रहे हैं।
बाजार जानकारों के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस बार प्याज का उत्पादन 5 से 7 फीसदी घट सकता है। लेकिन, कृषि मंत्रालय ने 2025-26 में देश का कुल प्याज उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। इसके बावजूद महाराष्ट्र में कम उत्पादन से कीमतों पर असर पड़ सकता है।