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1 से 4 रुपये किलो प्याज, APMC के सामने ट्रैक्टर खाली कर चल दे रहे किसानों का दर्द! क्या मंडी पर पड़ गया युद्ध का असर?

Onion Price Crash: सिर्फ वैश्विक संघर्ष ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य घरेलू कारण भी इस संकट को हवा दे रहे हैं। इस सीजन में रबी प्याज की पैदावार बहुत अच्छी हुई है। इससे मंडियों में आवक उम्मीद से कहीं ज्यादा है। बढ़ते तापमान के कारण गोदामों में रखा प्याज खराब होने लगा है। नुकसान से बचने के लिए किसान आनन-फानन में प्याज बेच रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 12, 2026 पर 6:50 PM
1 से 4 रुपये किलो प्याज, APMC के सामने ट्रैक्टर खाली कर चल दे रहे किसानों का दर्द! क्या मंडी पर पड़ गया युद्ध का असर?
Onion Price Crash: एक से 4 रुपये किलो प्याज, APMC के सामने ट्रैक्टर खाली कर चल दे रहे किसानों का दर्द! क्या मंडी पर पड़ गया युद्ध का असर?

अगर किसान को अपनी खून-पसीने वाली मेहनत से उगाई गई फसल सड़क पर डंप करनी पड़े तो इससे बुरी स्थिति क्या होगी। हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक में ऐसा ही कुछ देखने को मिला जिसने हर किसी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। महाराष्ट्र के नंदगांव एपीएमसी (Nandgaon APMC) के सामने किसानों ने विरोध स्वरूप ट्रैक्टर भरकर प्याज सड़क पर फेंक दिया। किसानों का आरोप है कि उन्हें अपनी फसल का जो दाम मिल रहा है वह खाद, बीज और मजदूरी तो दूर, मंडी तक लाने के परिवहन खर्च को भी पूरा नहीं कर पा रहा है।

भारतीय कृषि मंडियों में इन दिनों प्याज के किसानों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। एक तरफ जहां रिटेल बाजार में प्याज की कीमतें स्थिर नजर आती हैं, वहीं दूसरी ओर मंडियों में प्याज के दाम इस कदर गिर गए हैं कि किसान अपनी उपज को सड़कों पर या कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) के गेट पर डंप करने को मजबूर हैं। महाराष्ट्र के नासिक से लेकर मध्य प्रदेश की मंडियों तक, प्याज 1 रुपये से 4 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। हालात इतने खराब हैं कि किसानों को खेत से मंडी तक का ट्रैक्टर का भाड़ा भी अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। इस संकट के पीछे न केवल घरेलू कारण हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव की परछाईं का असर भी साफ नजर आ रहा है।

कौड़ियों के भाव बिक रहा प्याज: 100 से 400 रुपये प्रति क्विंटल

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिक की कई मंडियों में औसत दर्जे के प्याज की कीमत 800 से 1000 प्रति क्विंटल (8 से 10 रुपये प्रति किलो) रह गई है। वहीं, छोटी वैरायटी के प्याज का भाव गिरकर 1 से 4 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि कम से कम 2000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिले, तभी लागत वसूल हो सकती है। ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने सरकार से तत्काल दखल देने और आर्थिक सहायता की मांग की है।

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