9 Karat Gold Jewellery: अब 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी की बढ़ सकती है डिमांड, जानिए क्या हैं इसके फायदे

9 Karat Gold Jewellery: पीएम मोदी की गोल्ड खरीद कम करने की अपील के बाद 9 कैरेट ज्वेलरी चर्चा में आ गई है। कम कीमत, हल्के वजन और आधुनिक डिजाइन की वजह से इसकी मांग बढ़ सकती है। जानिए इसके सभी फायदे।

अपडेटेड May 12, 2026 पर 5:18 PM
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि शहरों में रहने वाले युवा ग्राहकों के बीच 9 कैरेट ज्वेलरी की मांग धीरे धीरे बढ़ सकती है।

9 Karat Gold Jewellery: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में लोगों से 1 साल तक के लिए सोना खरीदना बंद करने अपील की है। इसके बाद अब गोल्ड बाजार में नई चर्चा शुरू हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में लोग 22 या 18 कैरेट की जगह 9 कैरेट ज्वेलरी खरीदने की तरफ बढ़ सकते हैं। खासकर वो लोग, जिनके लिए हर रोज पहनने वाली ज्वेलरी लेना जरूरी है।

दरअसल सरकार की चिंता सिर्फ गोल्ड खरीद को लेकर नहीं है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना विदेशों से आयात करता है। जब गोल्ड आयात बढ़ता है, तो देश से ज्यादा डॉलर बाहर जाते हैं और रुपये पर दबाव बढ़ता है। यही वजह है कि अब बाजार में हल्के और कम गोल्ड वाले विकल्पों पर चर्चा तेज हो रही है।

क्या होता है 9 कैरेट गोल्ड


गोल्ड ज्वेलरी में कैरेट उसकी शुद्धता को दिखाता है। 24 कैरेट गोल्ड सबसे शुद्ध माना जाता है। वहीं 22 कैरेट में करीब 91.6 फीसदी सोना होता है। 18 कैरेट में लगभग 75 फीसदी और 9 कैरेट में सिर्फ करीब 37.5 फीसदी शुद्ध सोना होता है।

बाकी हिस्सा तांबा, चांदी, जिंक और दूसरे धातुओं का होता है। यानी 9 कैरेट ज्वेलरी में असली सोने की मात्रा काफी कम होती है। इसी वजह से इसकी कीमत भी कम रहती है।

पीएम मोदी की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से गैर जरूरी गोल्ड खरीद और आयातित चीजों की खपत कम करने की बात कही थी। इसके बाद इंडस्ट्री में यह चर्चा बढ़ी है कि अगर आने वाले समय में कम गोल्ड वाली ज्वेलरी की मांग बढ़ सकती है।

अगर लोग 22 कैरेट की जगह 9 कैरेट ज्वेलरी खरीदते हैं, तो गोल्ड आयात कम हो सकता है, ज्वेलरी सस्ती हो सकती है और विदेशी मुद्रा पर दबाव भी घट सकता है। हालांकि सरकार ने सीधे तौर पर 9 कैरेट ज्वेलरी को बढ़ावा देने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

आखिर क्यों बढ़ रही है इसकी मांग

गोल्ड की कीमतें लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में भारी ज्वेलरी खरीदना आम लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

उदाहरण के तौर पर जो डिजाइन 22 कैरेट में 1 लाख रुपये का पड़ता है, वही डिजाइन 9 कैरेट में काफी कम कीमत में मिल सकता है। यही वजह है कि युवा खरीदार, नौकरीपेशा लोग, फैशन ज्वेलरी पसंद करने वाले ग्राहक और कम बजट वाले लोग अब इस कैटेगरी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। कई ज्वेलरी कंपनियां भी इसे किफायती लग्जरी के तौर पर पेश कर रही हैं।

9 कैरेट ज्वेलरी के फायदे क्या हैं

9 कैरेट ज्वेलरी का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम कीमत है। इसमें सोना कम इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी कुल लागत काफी कम हो जाती है। इससे ग्राहक कम बजट में बड़े डिजाइन या ज्यादा ज्वेलरी खरीद सकते हैं।

इसके अलावा 22 कैरेट सोना अपेक्षाकृत नरम होता है, जबकि 9 कैरेट ज्वेलरी में दूसरे धातु ज्यादा होते हैं। इससे यह ज्यादा मजबूत और टिकाऊ हो सकती है। यही वजह है कि इसे रोजाना पहनने वाली ज्वेलरी में तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके अलावा इसमें आधुनिक और वेस्टर्न डिजाइन ज्यादा देखने को मिलते हैं। अंगूठी, ब्रेसलेट, चेन और मिनिमल डिजाइन वाली ज्वेलरी में इसकी मांग बढ़ रही है।

लेकिन नुकसान भी समझना जरूरी

9 कैरेट ज्वेलरी में सिर्फ 37.5 फीसदी ही असली सोना होता है। यानी निवेश के नजरिए से इसकी गोल्ड वैल्यू काफी कम होती है। भारत में अभी भी 22 कैरेट ज्वेलरी का बाजार ज्यादा मजबूत माना जाता है। कई ज्वेलर्स 9 कैरेट ज्वेलरी पर ज्यादा कटौती कर सकते हैं या कम बायबैक वैल्यू दे सकते हैं।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय के निवेश, संपत्ति बचाने या बेहतर रीसेल वैल्यू के लिए सोना खरीद रहा है, तो 9 कैरेट ज्वेलरी सबसे अच्छा विकल्प नहीं मानी जाती।

विदेशों में पहले से लोकप्रिय है 9 कैरेट गोल्ड

ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में 9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पहले से काफी लोकप्रिय है। वहां लोग ज्वेलरी को ज्यादा फैशन प्रोडक्ट की तरह देखते हैं।

लेकिन भारत में सोना सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि निवेश और पारिवारिक संपत्ति भी माना जाता है। यही वजह है कि यहां 22 कैरेट गोल्ड की मांग अब भी सबसे ज्यादा बनी हुई है।

क्या भारत में बदल सकता है ट्रेंड

गोल्ड की लगातार बढ़ती कीमतें और आयात को लेकर बढ़ती चिंता आने वाले समय में भारतीय ज्वेलरी बाजार को बदल सकती हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि शहरों में रहने वाले युवा ग्राहकों के बीच 9 कैरेट ज्वेलरी की मांग धीरे धीरे बढ़ सकती है। हालांकि शादी, पारंपरिक ज्वेलरी और निवेश वाले सेगमेंट में 22 कैरेट गोल्ड का दबदबा अभी लंबे समय तक बना रह सकता है।

किसे खरीदनी चाहिए 9 कैरेट ज्वेलरी

अगर आपका मकसद फैशन ज्वेलरी खरीदना, रोजाना पहनने वाली हल्की ज्वेलरी लेना, आधुनिक डिजाइन चुनना या कम बजट में विकल्प तलाशना है, तो 9 कैरेट ज्वेलरी अच्छा विकल्प हो सकती है।

लेकिन अगर आप निवेश, लंबे समय की बचत, बेहतर रीसेल वैल्यू या संपत्ति सुरक्षा के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो 22 कैरेट गोल्ड या दूसरे वित्तीय गोल्ड विकल्प ज्यादा बेहतर माने जाएंगे।

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