महंगाई के कैलकुलेशन में बड़ा बदलाव; अब ऑनलाइन शॉपिंग होगी CPI का हिस्सा, बेस ईयर भी बदलेगा

Consumer Price Index: सरकार पहली बार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की गणना में ऑनलाइन शॉपिंग को शामिल करेगी। FY26 की पहली तिमाही में आने वाले नए CPI डेटा में बेस ईयर को भी बदला जाएगा। इन बदलावों का मकसद महंगाई की सही तस्वीर सामने लाना है। जानिए पूरी डिटेल।

अपडेटेड Jun 08, 2025 पर 7:57 PM
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नया CPI डेटा 2011–12 के आधार वर्ष को बदलकर 2024 को आधार बनाकर तैयार किया जा रहा है।

Consumer Price Index: भारत में ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स का प्रभाव काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए सरकार पहली बार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अगले संशोधन में 12 शहरों में ऑनलाइन खरीदारी के व्यवहार को ट्रैक करेगी। Moneycontrol को यह जानकारी सूत्रों से मिली है।

FY26 की पहली तिमाही में आएगा नया CPI

नया CPI डेटा 2011–12 के आधार वर्ष को बदलकर 2024 को आधार बनाकर तैयार किया जा रहा है। इसे FY26 की पहली तिमाही में जारी किया जाएगा। इसी के साथ GDP की गणना में भी बदलाव आने की संभावना है।


एक सूत्र ने बताया, “हम 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 शहरों में उपभोक्ताओं की ऑनलाइन खरीदारी की आदतों को ट्रैक करेंगे।” आने वाले दो महीनों में अलग-अलग उपभोग श्रेणियों को मिलने वाले वेट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

ऑनलाइन खर्च को मिल रही मान्यता

MoSPI (Ministry of Statistics and Programme Implementation) ने हाल ही में एक उपभोग सर्वे किया था। इसमें पाया गया कि शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन खरीदारी का हिस्सा लगभग 10% और ग्रामीण क्षेत्रों में 3–4% है। यही डेटा CPI बास्केट में शामिल होने वाले उत्पादों और उनके वेट निर्धारण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

मंत्रालय हर शहर में लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से डेटा स्क्रैप करेगा। साथ ही, स्कैनर डेटा जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर भी विचार कर रहा है, जो विकसित देशों में आम है। एक सूत्र के अनुसार, 'हर शहर में अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लोकप्रिय हैं, जिनके आधार पर शहरों का चयन किया गया है।'

ईकॉमर्स डेटा में क्या-क्या होगा शामिल

ऑनलाइन खर्च में न केवल वेबसाइटों से उत्पाद खरीद शामिल होगी, बल्कि OTT प्लेटफॉर्म्स, रेल और हवाई यात्रा जैसी सेवाएं भी शामिल होंगी जो अब ऑनलाइन हो चुकी हैं। राइड-हेलिंग ऐप्स ने भी शहरी परिवहन का तरीका पूरी तरह बदल दिया है।

2011–12 की CPI सीरीज में एयर और रेल किराया का कुल वेट सिर्फ 0.3% था। वहीं, टैक्सी और ऑटो का वेट 0.56% था। नई सीरीज में इन श्रेणियों को अधिक वेट मिलने की उम्मीद है।

नया आधार वर्ष और व्यापक कवरेज

संशोधित CPI का आधार वर्ष 2024 होगा। मंत्रालय ने पिछले साल एक सर्वेक्षण के माध्यम से यह जानने की कोशिश की थी कि प्रत्येक क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय खुदरा आउटलेट कौन से हैं। यह डेटा नए सैम्पल फ्रेम तैयार करने में इस्तेमाल किया जाएगा।

फिलहाल CPI सर्वे 2,295 बाजारों को कवर करता है। इसमें से लगभग 1,200 ग्रामीण और बाकी शहरी हैं। नई सीरीज में यह कवरेज बढ़ाकर 2,900 बाजारों तक किया जाएगा।

इसके अलावा, CPI में शामिल उत्पादों की संख्या 299 से बढ़ाई जाएगी, ताकि उपभोक्ता व्यवहार और प्राइसिंग ट्रेंड का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व किया जा सके।

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