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Operation Sindoor 2.0: 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी कर रहा है भारत'; सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान से पाकिस्तान की उड़ी नींद

Operation Sindoor 2.0: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच लड़ाई अस्थायी तौर पर रुकी हुई है। लेकिन हमारी सेनाएं पूरी तरह से ऑपरेशनल रूप से अलर्ट हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 30, 2026 पर 12:42 PM
Operation Sindoor 2.0: 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी कर रहा है भारत'; सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान से पाकिस्तान की उड़ी नींद
Operation Sindoor 2.0: जनरल उपेंद्र द्विवेदी का नया बयान सुनकर पाकिस्तान की रात की नींद उड़ जाएगी

Operation Sindoor 2.0: थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार (30 मई) को कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने राष्ट्रीय इच्छाशक्ति को सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त करने का एक ऐसा मानदंड स्थापित किया है, जो उकसावे के प्रति भारत की प्रतिक्रिया को परिभाषित करता है। सेना प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच लड़ाई अस्थायी तौर पर रुकी हुई है। लेकिन हमारी सेनाएं पूरी तरह से ऑपरेशनल रूप से अलर्ट हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के तनाव या स्थिति बिगड़ने से निपटने के लिए तैयार हैं। जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह बयान सुनकर पाकिस्तान की रात की नींद उड़ जाएगी। सेना प्रमुख ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत अब 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' की तैयारी कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की कार्रवाई के जवाब में अपनाई गई सैन्य रणनीति अभी भी वैसे ही जारी है। उन्होंने कहा कि हम और मेहनत से युद्ध की तैयारी में 24 घंटे जुट गए हैं।

खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ मिलकर भविष्य में पैदा होने वाली संभावित आपात स्थितियों के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। आर्मी चीफ ने कहा कि इसमें वह योजना भी शामिल है जिसे उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत पड़ने पर उसे अमल में लाया जाएगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय हमारा मुख्य ध्यान तीनों सेनाओं के बीच तालमेल (सिनर्जी) को मजबूत करने, युद्ध की तैयारियों को बेहतर बनाने और भविष्य के युद्धों की बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने पर है। उन्होंने आधुनिक युद्धक्षेत्रों की बढ़ती पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि अब निगरानी और खुफिया क्षमताओं के कारण, अधिकांश हलचलें दुश्मनों को 'रियल-टाइम' (ठीक उसी समय) में दिखाई दे जाती हैं।

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