Padma Awards 2025 : सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 71 प्रमुख हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। सम्मानित होने वालों में सुजुकी मोटर के पूर्व प्रमुख स्वर्गीय ओसामु सुजुकी, मशहूर गायक स्वर्गीय पंकज उधास, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी और तमिल दैनिक ‘दिनामलार’ के प्रकाशक लक्ष्मीपति रामसुब्बैयार शामिल रहे।
इस साल 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने कुल 139 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों के लिए चुना था। सोमवार के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अतिथि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठ अभिनेता शेखर कपूर, क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन, हॉकी खिलाड़ी पी. आर. श्रीजेश, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एआईजी हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डी. नागेश्वर रेड्डी, वायलिन वादक लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम और तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण (जिन्हें बलैया भी कहा जाता है) सहित कई प्रमुख हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया।
इस वर्ष चार लोगों को पद्म विभूषण से नवाजा गया: स्वर्गीय ओसामु सुजुकी, लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम, डी. नागेश्वर रेड्डी और मलयालम लेखक व फिल्म निर्देशक स्वर्गीय एम. टी. वासुदेवन नायर। इसके अलावा, 10 हस्तियों को पद्म भूषण पुरस्कार मिला। इनमें स्वर्गीय पंकज उधास, स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी, नंदमुरी बालकृष्ण, शेखर कपूर, पी. आर. श्रीजेश, तमिल अभिनेता एस. अजित कुमार, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज के चेयरपर्सन पंकज पटेल और 'पेंटियम के जनक' के रूप में प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर विनोद धाम शामिल हैं।
यपद्म श्री से 57 हस्तियों को किया गया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस साल 57 प्रमुख हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य, उद्योगपति पवन कुमार गोयनका, और प्रसिद्ध वन्यजीव शोधकर्ता व मराठी लेखक मारुति भुजंगराव चितमपल्ली शामिल हैं, जिन्होंने पक्षियों, जानवरों और पेड़ों पर अनोखे शब्दकोश तैयार किए हैं। इसके अलावा, तोगालु गोम्बेयाता (चमड़े की कठपुतली कला) की पहली महिला कलाकारों में से एक भीमाव्वा डोड्डाबलप्पा शिलेक्याथारा को भी पद्म श्री मिला। एम्स और एसजीपीजीआई के पूर्व निदेशक ए. के. महापात्रा और पंजाबी गायक जसपिंदर नरूला कौल को भी इस सम्मान से नवाजा गया।
इस वर्ष, खास बात यह रही कि 30 गुमनाम नायकों को भी पद्म पुरस्कार दिए गए। इनमें 100 वर्षीय लीबिया लोबो सरदेसाई भी शामिल हैं, जिन्होंने गोवा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया था। उन्होंने 1955 में पुर्तगाली शासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जंगल में एक भूमिगत रेडियो स्टेशन 'वोज दा लिबरडेबे' (स्वतंत्रता की आवाज़) की स्थापना की थी।
पद्म पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक सेवा, विज्ञान-इंजीनियरिंग, व्यापार-उद्योग, चिकित्सा, साहित्य-शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं।