BrahMos बनी ग्लोबल सेंसेशन, UAE भारत से खरीदेगा ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर!

BrahMos Missile: यूएई पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करना चाहता है। बताया गया है कि अबू धाबी ने भारत के कई रक्षा उपकरणों और हथियार प्रणालियों में रुचि दिखाई है। ईरान-इजराइल जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी वजह से UAE अपनी सैन्य ताकत मजबूत कर रहा है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 10:08 PM
दुनिया के कई देश भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में दिलचस्पी दिखाई है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई एयरबेस पर तबाही मचाने लाली ब्रह्मोस मिसाइल ग्लोबल सेंसेशन बन गई है। दुनिया के कई देश भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में दिलचस्पी दिखाई है। कुछ दिनों पहले भारत और वियतनाम की बीच BrahMos मिसाइल सप्लाई की बड़ी डिफेंस डील पर सहमती बनी है। वहीं अब इस मिसाइल को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और UAE के बीच रक्षा क्षेत्र में नई बातचीत शुरू हुई है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE भारत की ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है।

UAE ने दिखाई दिलचस्पी

यूएई पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करना चाहता है। बताया गया है कि अबू धाबी ने भारत के कई रक्षा उपकरणों और हथियार प्रणालियों में रुचि दिखाई है। हालांकि यह बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ईरान-इजराइल जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी वजह से UAE अपनी सैन्य ताकत मजबूत कर रहा है।


दोनों देशों के बीच चल रही है बातचीत

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि यूएई ने भारत के कई आधुनिक रक्षा उपकरणों में रुचि दिखाई है। इनमें ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर वायु रक्षा प्रणाली प्रमुख हैं। सूत्र ने कहा कि भारत और यूएई के बीच इस विषय पर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत और रूस के सहयोग से विकसित ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है। इसकी खासियत यह है कि इसे जमीन, समुद्र और लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है। वहीं, आकाशतीर एक स्वदेशी वायु रक्षा कमांड और कंट्रोल सिस्टम है, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने भारतीय सेना के साथ मिलकर तैयार किया है। यह प्रणाली हवाई खतरों की निगरानी और उनसे निपटने में सेना की मदद करती है।

यूएई लगातार मजबूत कर रहा अपनी सुरक्षा

हाल के क्षेत्रीय तनाव और ईरान के हमलों के बाद यूएई अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहता है। साथ ही वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहा है। यह समुद्री मार्ग यूएई के ऊर्जा निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल की शुरुआत में अबू धाबी ने दक्षिण कोरिया के साथ 35 अरब डॉलर से अधिक के रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। संघर्ष और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली संस्था 'आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा' की दक्षिण एशिया विशेषज्ञ पर्ल पांड्या ने कहा कि अलग-अलग देशों से रक्षा उपकरण खरीदने से यूएई को रणनीतिक रूप से अधिक स्वतंत्रता मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मजबूत संबंधों का एक फायदा यह भी है कि इससे अमेरिका को कोई आपत्ति नहीं होती, क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच भी अच्छे सहयोगी संबंध हैं।

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