बेंगलुरु के 35 साल के इंजीनियर भारत भूषण पहलगाम आतंकी हमले का दुखद शिकार बन गए, जब उन्होंने हथियारबंद आतंकवादियों को अपना नाम बताया, तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। आतंकवादियों ने भारत और उनके परिवार से पूछताछ की और उनसे कहा वह अपना बच्चा अपनी पत्नी सुजाता को दे दें। भारत अपनी पत्नी डॉ. सुजाता उनके तीन साल के बेटे के साथ बैसरन घाटी में घूमने गए थे।
आतंकियों ने फिर इंजीनियर से उसका नाम पूछा, उसने जवाब दिया "भारत", जिसके बाद आतंकवादियों ने उसके धर्म के बारे में पूछा। उन्होंने कहा- "हिंदू", ये सुनते ही हैवानों ने उनके सिर में गोली मार दी। ये सब पास खड़ी उनकी पत्नी और छोटे बेटे ने भी देखा।
जब भारत के परिवार को उनके निधन के बारे में पता चला
भारत की मौत की खबर बुधवार की सुबह उनके पिता तक बहुत ही दुखद तरीके से पहुंची। उन्होंने मीडिया को बताया, "मैंने सुबह की सैर के दौरान कन्नड़ अखबार में इसके बारे में पढ़ा। मेरे पैर जवाब दे गए। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। मेरे परिवार ने मुझसे और मेरी पत्नी से यह बात छिपाकर रखी थी।"
हमले से कुछ घंटे पहले ही भारत ने कश्मीर से अपने माता-पिता को फोन करके वहां की प्राकृतिक सुंदरता के बारे में बताया था और अपने परिवार के पहलगाम जाने के बारे में बताया था। हमले के बाद परिवार को मिली शुरुआती खबर भ्रामक थी।
भारत के बड़े बेटे प्रीतम ने मंगलवार शाम करीब 7 बजे उन्हें बताया कि उनके पिता घायल हो गए हैं और वह और डॉ. सुजाता के भाई उन्हें वापस लाने के लिए कश्मीर जा रहे हैं, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को कम करके आंका। उनकी फ्लाइट, जो पहले सुबह 11 बजे की थी, वो 2 बजे तक के लिए डिले कर दी गई।
भारत की सास ने उनके निधन पर क्या कहा
भारत की सास ने अपनी बेटी सुजाता के साथ हुई बातचीत की दर्दनाक जानकारी दी। उन्होंने आतंकवादियों की क्रूरता का खुलासा किया, "उन्होंने खुल कर पूछा कि क्या तुम हिंदू हो और फिर उन्हें गोली मार दी... उन्होंने मेरे दामाद को इसलिए गोली मारी क्योंकि वह हिंदू था... उन्होंने महिलाओं और बच्चों को नहीं, बल्कि पुरुषों के सिर में गोली मारी। वे तब तक गोली चलाते रहे जब तक वे गिर नहीं गए।"
इस अफरा-तफरी और खौफ के बीच डॉ. सुजाता की मेडिकल सूझबूझ काम आई। जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके पति की हत्या हो चुकी है, तो उन्होंने उनका मोबाइल फोन और पर्स छीन लिया और मौके से भाग गईं। मंगलवार को दोपहर करीब 2:45 बजे वह अपनी मां से संपर्क करने में कामयाब रहीं। भारत की सास के मुताबिक, डॉ. सुजाता को बाद में भारतीय सेना ने सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।