Pakistan-Afghanistan Conflict: भारत ने अफगानिस्तान क्षेत्र में पाकिस्तान के ताजे हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में आम नागरिकों की जानें गई हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान धरती पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की मौत हुई है।" इस्लामाबाद ने दावा किया कि सैन्य हमलों में कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए।
जायसवाल ने इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, "यह पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष भारत पर डालने का एक और प्रयास है। भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति अपने समर्थन को दोहराता है।" पाकिस्तान ने कहा कि ये हवाई हमले अफगानिस्तान में कम से कम सात आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए थे, जो देश में हाल ही में हुए विद्रोही हमलों के प्रतिशोध में किए गए थे।
पाकिस्तान के गृह मामलों के राज्य मंत्री तलल चौधरी ने जियो न्यूज को बताया, "अफगानिस्तान लंबे समय से आतंकवाद का निर्यात कर रहा है। पाकिस्तान अपने नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।" पाकिस्तान ने देश मे हुए हालिया हमलों को लेकर जवाबी कार्रवाई के तहत अफगानिस्तान में कम से कम सात आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमले कर 70 आतंकवादियों को मार गिराने का रविवार को दावा किया।
जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलल चौधरी ने कहा, "अफगानिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान अपने नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है।" चौधरी ने कहा कि मारे गए 70 आतंकवादियों में से अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक थे।
इससे पहले, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए हालिया आत्मघाती बम हमलों के जवाब में इन हमलों की पुष्टि की थी। वहीं, काबुल ने इन हमलों के जवाब में आवश्यक और संयमित प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। ताजा आतंकवादी घटना में शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू इलाके में हुए एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई।
मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर कीं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन हमलों की जिम्मेदारी फितना-अल-ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान आधारित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत (ISKP) ने ली है।" सरकार फितना-अल-ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए करती है।
इसलामाबाद ने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके। पाक ने कहा कि यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उसने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है। लेकिन हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बीच, अफगानिस्तान ने एक बयान में चेतावनी दी है कि पक्तिका और नंगरहार प्रांतों पर पाकिस्तानी हमलों का आवश्यक और सोच-समझकर जवाब दिया जाएगा।
अफगान मंत्रालय ने इन हमलों को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसियों के अच्छे संबंधों के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए कहा कि इन हमलों में आम नागरिक और धार्मिक केंद्रों को निशाना बनाया गया।
बयान में कहा गया कि अफगानिस्तान सीमा पार से हो रहे लगातार उल्लंघन के सामने चुप नहीं रहेगा। उसे देश को अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने का अधिकार है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है।