Pakistan-Afghanistan Conflict: ‘बेगुनाह लोगों पर बमबारी की'; पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में दर्जनों लोगों की मौत, जवाबी हमले की तैयारी में अफगानिस्तान

Pakistan Strikes in Afghanistan: अफगानिस्तान ने रविवार (22 फरवरी) को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों के खिलाफ बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से किए गए एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की। तालिबान सरकार ने इसे अफगानिस्तान की आजादी और इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है

अपडेटेड Feb 22, 2026 पर 4:16 PM
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Pakistan Strikes in Afghanistan: पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान में आम नागरिकों पर बमबारी की है

Pakistan Strikes in Afghanistan: पाकिस्तान ने शनिवार (21 फरवरी) देर रात अफगानिस्तान में सात आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की। इसके बाद अफगानिस्तान ने इसके जवाब में आवश्यक और सोच-समझकर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इस्लामाबाद का दावा है कि इन हमलों में अफगानिस्तान के उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो पाकिस्तान के भीतर हालिया आत्मघाती हमलों के लिए जिम्मेदार थे।

अफगानिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने आम नागरिकों पर बमबारी की है। इसमें महिलाओं, बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए हैं। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई।

पाकिस्तान ने क्यों किया हमला?


पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर कीं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में यह दावा किया गया।

मंत्रालय ने कहा, "इन हमलों की जिम्मेदारी फितना अल ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान आधारित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत (ISPK) ने ली है।" पाक सरकार फितना-अल-ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए करती है।

इस्लामाबाद ने कहा कि अफगान तालिबान शासन से बार-बार आग्रह किया गया कि वह आतंकवादी समूहों और विदेशी एजेंटों को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने से रोके। लेकिन इसके बावजूद वह उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा।

पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में बमबारी!

मंत्रालय ने कहा, "इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान, एफएके और उसके सहयोगियों तथा आईएसकेपी से संबंधित सात आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को खुफिया जानकारी के आधार पर सटीक और कुशलता से निशाना बनाया है।" पाक ने कहा कि पाकिस्तान अंतरिम अफगान सरकार से अपने दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा को दोहराता है।

मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके। PAK ने कहा कि यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस्लामाबाद ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है। लेकिन हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।।

अफगानिस्तान ने दी चेतावनी

इस बीच, अफगानिस्तान ने एक बयान में चेतावनी दी है कि पक्तिका और नंगरहार प्रांतों पर पाकिस्तानी हमलों का आवश्यक और सोच-समझकर जवाब दिया जाएगा। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "हमारी सीमाएं और हमारे लोगों की सुरक्षा हमारा पवित्र धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है।" बयान में आगे कहा गया, "इन हमलों का उचित समय पर आवश्यक और सोच-समझकर जवाब दिया जाएगा।"

अफगान मंत्रालय ने इन हमलों को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून, पड़ोसियों के अच्छे संबंधों के सिद्धांतों और इस्लामी मूल्यों का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए कहा कि इन हमलों में आम नागरिक और धार्मिक केंद्रों को निशाना बनाया गया। उसने इसे पाकिस्तान के भीतर खुफिया और सुरक्षा विफलताओं का स्पष्ट प्रमाण बताया।

बयान में कहा गया कि अफगानिस्तान सीमा पार से हो रहे लगातार उल्लंघन के सामने चुप नहीं रहेगा। अफगान को अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने का अधिकार है। पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है।

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पिछले साल अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त रूप से सशस्त्र संघर्ष हुआ था। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिक मारे गए थे। अब यह देखना होगा कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पाकिस्तान पर कैसे पलटवार करती है।

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