मां इंडियन और पिता पाकिस्तानी...तो कहां रहेंगे बच्चे, इन 9 नाबालिगों को लेकर MP में फंसा पेंच

मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने पाकिस्तानी नागरिकों और उनके बच्चों से जुड़ी स्थिति को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा है। पुलिस के मुताबिक, इन बच्चों के भविष्य को लेकर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार से सलाह ली जा रही है

अपडेटेड Apr 29, 2025 पर 11:08 PM
Story continues below Advertisement
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं

पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार एक्शन में है और पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले ले चुका है। इसी क्रम में सरकार देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को बाहर कर रही है। लेकिन एमपी में 9 नाबालिग बच्चों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जिनमें बच्चों की मम्मी हिंदुस्तानी है, तो पिता पाकिस्तान के रहने वाले हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये सभी बच्चे नाबालिग हैं और अलग-अलग जिलों में रहते हैं — जबलपुर में तीन, इंदौर में चार और भोपाल में दो। इन सभी मामलों में बच्चों की मां भारतीय नागरिक हैं, जबकि उनके पिता पाकिस्तानी हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि इन बच्चों को अपनी मां के साथ भारत में रहने की अनुमति दी जाए या उन्हें उनके पिता के साथ पाकिस्तान भेजा जाए। इस जटिल स्थिति को सुलझाने के लिए राज्य प्रशासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से दिशा-निर्देश मांगे हैं।

पुलिस को गृह मंत्रालय के निर्देश का इंतजार


मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन ने पाकिस्तानी नागरिकों और उनके बच्चों से जुड़ी स्थिति को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा है। पुलिस के मुताबिक, इन बच्चों के भविष्य को लेकर फैसला लेने के लिए केंद्र सरकार से सलाह ली जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने उस पाकिस्तानी व्यक्ति की स्थिति को लेकर भी दिशा-निर्देश मांगे हैं, जिसने केंद्र के वीजा निलंबन आदेश से ठीक पहले, 25 अप्रैल को भोपाल में दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) के लिए आवेदन किया था। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया, “हमने केंद्र से इन मामलों में स्पष्टीकरण मांगा है, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।”

पहलगाम हमले के बाद भारत का कड़ा रुख 

भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत छोड़ने की अंतिम तारीख 25 अप्रैल तय की थी। इसके तहत, सार्क वीजा, वीजा ऑन अराइवल, बिजनेस, पत्रकार और टूरिस्ट वीजा जैसे अल्पकालिक वीजा धारकों को 26 अप्रैल तक देश छोड़ना था। वहीं, मेडिकल वीजा पर आए लोगों को 29 अप्रैल तक भारत से जाना था। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक तय समयसीमा के बाद भारत में न रुके। अगर कोई तय तारीख के बाद रुकता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारी, मुकदमा, तीन साल तक की सज़ा और तीन लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। हालाँकि, दीर्घकालिक वीजा, राजनयिक या आधिकारिक वीजा रखने वाले लोगों को इस आदेश से छूट दी गई है। इसके अलावा, धार्मिक उत्पीड़न से भागे हुए पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को भारत छोड़ने की आवश्यकता नहीं है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।