Pakistani spy: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में अंबाला में शख्स गिरफ्तार, ISI को भेजता था एयरफोर्स की संवेदनशील जानकारी

Pakistani spy: अंबाला पुलिस ने सोशल मीडिया पर हनीट्रैप में फंसने के बाद भारतीय सेना और एयर फोर्स से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के साथ शेयर करने के आरोप में व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान सुनील के रूप में हुई है

अपडेटेड Jan 06, 2026 पर 3:05 PM
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Pakistani spy: हनीट्रैप के बाद पाकिस्तान की ISI के साथ सेना के राज शेयर करने के आरोप में अंबाला से एक आदमी गिरफ्तार हुआ है

Pakistani spy in India: अंबाला में एयरफोर्स स्टेशन की जासूसी कर भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अंबाला पुलिस ने सोशल मीडिया पर हनीट्रैप में फंसने के बाद भारतीय सेना और एयर फोर्स से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के साथ शेयर करने के आरोप में व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है। वह साहा पुलिस स्टेशन के तहत सबगा गांव का रहने वाला है। उसे अंबाला कैंटोनमेंट बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, सुनील पिछले छह से सात महीनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। पुलिस ने बताया कि उसे एक फर्जी महिला फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल के ज़रिए फंसाया गया। फिर धीरे-धीरे इमोशनल ब्लैकमेल, लालच और कथित ब्लैकमेल के ज़रिए जासूसी की जाल में फंसाया गया। सुनील एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के साथ काम करता था। उसकी एयर फ़ोर्स स्टेशन तक पहुंच थी। वहां वह अलग-अलग मिलिट्री यूनिट्स में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर सुपरवाइज़र के तौर पर काम करता था।

इस पहुंच का इस्तेमाल करके उसने कथित तौर पर मिलिट्री यूनिट्स की लोकेशन, सैनिकों की आवाजाही और तैनाती से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI के साथ शेयर की। अंबाला पुलिस की एक यूनिट ने WhatsApp चैट और वॉइस कॉल रिकॉर्ड बरामद किए हैं जो उसे पाकिस्तानी हैंडलर्स से कनेक्ट हैं। किसी भी संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन का पता लगाने के लिए उसके बैंक अकाउंट की भी जांच की जा रही है।

अंबाला क्राइम DSP वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सुनील को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने कहा, "हम जांच कर रहे हैं कि उसने अकेले काम किया या इसमें कोई और भी शामिल था। पूछताछ के दौरान और भी खुलासे होने की उम्मीद है।"

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पुलिस ने आगे आरोप लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने पहले एक फर्जी ऑनलाइन पहचान बनाकर भरोसा जीता। बाद में एहसान और पैसे के बदले संवेदनशील मिलिट्री जानकारी मांगी। जांच जारी रहने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां ​​अब इस बात का आकलन कर रही हैं कि कितनी जानकारी लीक हुई है।


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