मध्य प्रदेश के पन्ना में निकला इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा हीरा, जानिए 27.29 कैरेट के इस बेशकीमती डायमंड की कीमत कहां तक जाएगी!

मध्य प्रदेश की पन्ना खदान से कीमती हीरे की खोज सामने आई है। NMDC को खुदाई के दौरान बेशकीमती हीरा मिला है, जिसे साइज और क्वालिटी के लिहाज से खास माना जा रहा है। इस हीरे की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह सिर्फ शुरुआती अनुमान है और इसकी असली कीमत अभी तय नहीं हुई है। हीरे की नीलामी होने के बाद ही पता चलेगा कि इसे कितनी कीमत मिलती है।

अपडेटेड Sep 17, 2026 पर 3:41 PM
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पन्ना की खदान में मिला बेशकीमती हीरा, कीमत और नीलामी को लेकर बढ़ी चर्चा

मध्य प्रदेश के पन्ना जिला में एक बार फिर हीरे की खोज हुई है। सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC को यहां अपने मझवां डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट में 27.29 कैरेट का हीरा मिला है। कंपनी के मुताबिक, यह खोज पन्ना में उसके अब तक के काम में सबसे खास हीरा मिलने वाली घटनाओं में से एक है।

पन्ना को लंबे समय से हीरों की धरती के रूप में जाना जाता है और यहां होने वाली खुदाई पर देशभर की नजर रहती है। ऐसे में NMDC की इस नई खोज को कंपनी के लिए भी अहम माना जा रहा है। 27.29 कैरेट का यह हीरा साइज में काफी बड़ा है और इसकी क्वालिटी भी इसे खास बनाती है। अब इस हीरे की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद इसकी कीमत और इससे जुड़ी दूसरी जानकारी सामने आएगी।

पन्ना में डाइमंड माइनिंग का पुराना इतिहास


पन्ना को भारत के प्राकृतिक हीरा वाले इलाकों में गिना जाता है। यहां हीरा निकालने का काम काफी पुराना है। NMDC ने 1960 के दशक में पन्ना जिले में हीरे की खोज और खनन का काम शुरू किया था। इसके बाद 1970 के दशक की शुरुआत में मझवां इलाके में मशीनों की मदद से बड़े स्तर पर हीरा निकालने का काम शुरू हुआ। समय के साथ यहां कच्ची मिट्टी और पत्थर से हीरे अलग करने के लिए बेहतर तकनीक और प्रोसेसिंग की व्यवस्था तैयार की गई। खदान से निकलने वाले कच्चे पत्थर में हीरे की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए उन्हें अलग करने के लिए सही तकनीक और सावधानी से काम करना जरूरी होता है।

देश की खास डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट

  • मध्य प्रदेश के मझवां में मौजूद पन्ना डायमंड प्रोजेक्ट, NMDC की एकमात्र हीरा खनन परियोजना है।
  • इस प्रोजेक्ट में हर साल करीब 84,000 कैरेट हीरे निकालने की क्षमता है और यहां बड़े स्तर पर खनन किया जाता है।
  • पन्ना डायमंड प्रोजेक्ट को देश की एकमात्र मशीनीकृत डायमंड खदान बताया जाता है, जहां आधुनिक मशीनों और तकनीक की मदद से हीरे निकाले जाते हैं।

इस बार मिला पहले से भी बड़ा हीरा

NMDC के मुताबिक, 27.29 कैरेट का यह हीरा 15 सितंबर को मझवां प्रोजेक्ट में मिला था। कंपनी ने इसे पन्ना खदान से अब तक मिले सबसे अच्छी क्वालिटी वाले हीरों में दूसरा सबसे बड़ा हीरा बताया है। इससे पहले जुलाई में इसी प्रोजेक्ट से 13.16 कैरेट का हीरा मिलने की जानकारी दी गई थी। नया मिला हीरा वजन में उससे दोगुने से भी ज्यादा है। ऐसे में इस खोज को मझवां प्रोजेक्ट के लिए एक खास उपलब्धि माना जा रहा है।

नीलामी के बाद तय होगी असली कीमत

खदान से निकलते ही किसी हीरे की अंतिम कीमत तय नहीं होती है। नीलामी से पहले उसके वजन, रंग, साफ-सफाई, आकार और कट समेत कई बातों की जांच की जाती है। इसके बाद हीरे की क्वालिटी के हिसाब से उसकी ग्रेडिंग की जाती है और कीमत का अनुमान लगाया जाता है। कुछ रिपोर्टों में 27.29 कैरेट के इस हीरे की संभावित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई है, लेकिन यह केवल अनुमान है।

NMDC का पन्ना प्रोजेक्ट खदान से निकले अयस्क में से हीरे को अलग करने के लिए हैवी मीडिया सेपरेशन और एक्स-रे सॉर्टिंग जैसी तकनीकों की मदद ली जाती है। ये मशीनें प्रोसेसिंग के दौरान हीरे की पहचान करती हैं और उसे दूसरे पदार्थों से अलग करने में मदद करती हैं। इस प्रोजेक्ट में पहले भी कई कीमती हीरे मिल चुके हैं और अब 27.29 कैरेट के हीरे की नई खोज ने इस सूची में एक और खास नाम जोड़ दिया है। NMDC भले ही मुख्य रूप से लौह अयस्क के उत्पादन के लिए जानी जाती है, लेकिन कंपनी दूसरे खनिजों से जुड़े काम भी करती है। नए मिले हीरे की असली कीमत अभी साफ नहीं है। उसकी क्वालिटी और ग्रेड की जांच के बाद नीलामी होगी और वहीं मिलने वाली बोली से इसकी अंतिम कीमत तय होगी।

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