Patanjali Ayurved अपने टीवी ऐड में नहीं दिखा पाएगी Dabur का च्यवनप्राश, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला

बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) को दिल्ली हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को अब कथित रूप से डाबर इंडिया (Dabur India) के च्यवनप्राश प्रोडक्ट्स को दिखाते हुए टीवी पर अपना विज्ञापन देने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह फैसला डाबर इंडिया की याचिका पर सुनाया है। जानिए पूरा मामला क्या है?

अपडेटेड Jul 03, 2025 पर 12:58 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने आज एक अहम फैसले में बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) को अपना एक ऐड टीवी पर चलाने से रोक दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज एक अहम फैसले में बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) को अपना एक ऐड टीवी पर चलाने से रोक दिया है। याचिका के मुताबिक इस ऐड में कथित रूप से डाबर इंडिया (Dabur India) के च्यवनप्राश प्रोडक्ट्स की छवि बिगाड़ी जा रही है और इसी के खिलाफ डाबर इंडिया ने याचिका दायर की थी। डाबर इंडिया ने कथित रूप से मानहानि करने वाले ऐड कैंपेन के खिलाफ याचिका दायर कर इस पर हाईकोर्ट से रोक लगाने की अनुरोध किया था। इसी पर हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को इस ऐड को प्रसारित करने पर रोक दिया।

Patanjali Ayurved vs Dabur: 24 दिसंबर को सामने आया था मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वद को टीवी पर ऐसा कोई भी ऐड प्रसारित करने पर रोक लगा दिया है जिसमें डाबर इंडिया के च्यवनप्राश प्रोडक्ट्स की छवि खराब करने की कोशिश हो। यह मामला पहली बार 24 दिसंबर को सामने आया था, जब अदालत ने अंतरिम राहत के लिए डाबर के अनुरोध पर पतंजलि आयुर्वेद को समन और नोटिस जारी किए थे।


क्या है पूरा मामला?

पिछली बार की सुनवाई में डाबर इंडिया ने कहा था कि पतंजलि आयुर्वेद उनके प्रोडक्ट्स को साधारण बताती है। डाबर का कहना है कि मार्केट की सबसे बड़ी कंपनी को वह साधारण बता देते हैं। च्यवनप्राश सेगमेंट में डाबर इंडिया की हिस्सेदारी 61.6% फीसदी है। इस मामले में कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को समन भेजा था लेकिन डाबर ने कोर्ट में जानकारी दी कि समन के बावजूद पतंजलि आयुर्वेद ने पिछले कुछ हफ्तों में 6,182 विज्ञापन प्रसारित किए। डाबर का आरोप है कि पतंजलि के प्रोडक्ट को 51 से अधिक जड़ी-बूटियों से बना बताकर गलत प्रचार किया गया, जबकि वास्तव में इसमें सिर्फ 47 जड़ी-बूटियां ही इस्तेमाल की गई थीं। डाबर का कहना है कि यह उपभोक्ताओं के बीच गलत सूचना फैलाने के बराबर है।

डाबर ने पतंजलि के इस दावे पर भी सवाल उठाए हैं कि जिन्हें आयुर्वेद और वेदों का ज्ञान है, सिर्फ वही असली च्यवनप्राश बना सकते हैं। इसके जरिए डाबर इंडिया के च्यवनप्राश को घटिया बताया गया। इसके अलावा डाबर का आरोप है कि पतंजलि के प्रोडक्ट में मरकरी है और यह बच्चों के लिए अच्छा नहीं है।

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