पीर और मसीहा! छांगुर बाबा 'चमत्कार' दिखा कर कराता धर्म परिवर्तन, 1500 से ज्यादा हिंदी महिलाओं को बनाया निशाना

छांगुर ने अपनी 'करीबी सहयोगी' नीतू उर्फ ​​नसरीन के साथ मिलकर कथित तौर पर 3,000 से 4,000 से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कराया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा शक है कि इनमें से 1,500 से ज्यादा पीड़ित महिलाएं थीं। UP-ATS धर्मांतरण रैकेट के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने की तैयारी कर रहा है, ऐसे में कई ऐसे बड़े सवाल हैं, जिनके जवाब जानना बेहद जरूरी है

अपडेटेड Jul 11, 2025 पर 4:14 PM
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छांगुर बाबा 'चमत्कार' दिखा कर कराता धर्म परिवर्तन, 1500 से ज्यादा हिंदी महिलाओं को बनाया निशाना

बलरामपुर के रहने वाले जमालुद्दीन उर्फ ​​छांगुर उर्फ ​​झांगुर बाबा की गिरफ्तारी से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। सामूहिक अवैध धर्मांतरण के मामले का खुलासा हुआ है। UP-ATS के अनुसार, यह ‘बाबा’ गैर-मुस्लिम समुदायों की महिलाओं को निशाना बनाता था और यहां तक ​​कि उनके धर्मांतरण के लिए एक “रेट लिस्ट” भी बना रखी थी। छांगुर ने अपनी 'करीबी सहयोगी' नीतू उर्फ ​​नसरीन के साथ मिलकर कथित तौर पर 3,000 से 4,000 से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कराया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा शक है कि इनमें से 1,500 से ज्यादा पीड़ित महिलाएं थीं।

UP-ATS धर्मांतरण रैकेट के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने की तैयारी कर रहा है, ऐसे में कई ऐसे बड़े सवाल हैं, जिनके जवाब जानना बेहद जरूरी है।

छांगुर बाबा कैसा कराता था धर्म परिवर्तन?


छांगुर बाबा मूल रूप से बलरामपुर जिले के रेहरा माफी का रहने वाला है, जो पिछले 10 साल से उत्तर प्रदेश के उत्तरौला गांव में रह रहे थे। पहले वो एक साइकिल पर अंगूठी और ताबीज बेचता था और मुंबई के हाजी अली दरगाह भी जाता रहता था।

लेकिन 2020 के आसपास उसकी किस्मत अचानक बदल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, छांगुर बाबा एक व्यापारी से खुद को ‘पीर’ और आध्यात्मिक गुरु बताने लागा। उसने लोगों का भरोसा जीतकर यह दिखाया कि उसके पास चमत्कारी इलाज की शक्ति है।

लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए कैसे प्रेरित किया?

रिपोर्ट के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी ‘चमत्कारिक शक्तियों’ के जरिए लोगों को प्रभावित किया। जब लोग उसके चमत्कारों पर विश्वास करने लगे, तो धीरे-धीरे उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया गया।

इतना ही नहीं, छांगुर बाबा का प्रभाव इतना गहरा था कि उसे मानने वाले उसे ‘रूहानी बाबा’ या 'मसीहा' मानते थे और उसके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं थे, भले ही ATS (अंतर-राज्यीय अपराध शाखा) ने कई खुलासे किए हों।

धर्म परिवर्तन का बड़ा नेटवर्क और विदेश से फंडिंग

ATS की जांच में पता चला कि छांगुर बाबा ने भारत-नेपाल सीमा पर ‘दवा केंद्र’ बनाने की योजना बनाई थी, जिसके लिए विदेशों से फंडिंग भी आ रही थी। उसके नेतृत्व में कई अनुयायियों और रिश्तेदारों ने कई शहरों में सार्वजनिक कार्यक्रम शुरू किए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस्लाम धर्म में परिवर्तित हों।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दो साल पहले उसके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ गैरकानूनी धर्म परिवर्तन का मामला भी दर्ज हुआ था।

छांगुर बाबा और नसीरीन की गिरफ्तारी

छांगुर और नसीरीन ने अभी तक इस मामले में कोई अपराध स्वीकार नहीं किया है। ATS की विशेष अदालत ने दोनों की पुलिस हिरासत 16 जुलाई तक बढ़ा दी है। इस दौरान पुलिस उनकी गतिविधियों, साथियों और फंडिंग के सोर्स की पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।

महाराष्ट्र से क्या संबंध है?

छांगुर बाबा ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावळ तहसील में 16 करोड़ रुपए की कीमत का 2 लाख से ज्यादा वर्ग फुट जमीन खरीदी है। यह जमीन उसके अनुयायी नवीन रोहरा के जरिए खरीदी गई।

नवीन रोहरा, जो मुंबई के एक कारोबारी हैं, और उनकी पत्नी नीतू, कथित तौर पर छांगुर बाबा के प्रभाव में आकर इस्लाम धर्म में परिवर्तित हो गए। उन्होंने अपने नाम बदलकर जमालुद्दीन और नसीरीन रख लिए और छांगुर बाबा के साथ रहने लगे। उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ियां भी बाबा के इस्तेमाल के लिए दीं।

छांगुर बाबा के आलीशान मकान की जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने छांगुर बाबा का सरकारी जमीन पर बनाया गया आलीशान मकान गिरा दिया है। इस मकान में महंगे टाइल्स, विदेशी मार्बल, आधुनिक रसोई, आरामदायक सोफे, 10 CCTV कैमरे, 500 मीटर की प्राइवेट ड्राइववे और बिजली से घिरी दीवार मिली।

मकान के अंदर एक गुप्त कंट्रोल रूम भी मिला, जहां पूरे मकान के CCTV कैमरे देखे जाते थे। बाबा के बेडरूम को ऑपरेशन रूम जैसा बनाया गया था, जहां आने-जाने वाले सभी लोगों की रिकॉर्डिंग होती थी।

ATS की आगे की जांच

ATS अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान और भी कई तथ्य सामने आएंगे। इसमें सरकारी अधिकारियों समेत कई लोगों की मिलीभगत भी उजागर हो सकती है, जो सालों से सरकारी जमीन हड़पने में आरोपी हैं।

ध्यान देने वाली बात है कि ATS अभी भी इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रहा है और विदेशी फंडिंग के सबूत भी जुटा रहा है।

छांगुर बाबा ने अपनी आध्यात्मिक छवि बनाकर लोगों को इस्लाम में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। उसके बड़े नेटवर्क और विदेशी फंडिंग के जरिए यह रैकेट चलाया जा रहा था। महाराष्ट्र में जमीन खरीदने और आलीशान मकान बनाने के मामले ने इस पूरे गिरोह की पोल खोल दी है। ATS इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है।

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