Fuel adulteration News: देश के विभिन्न राज्यों और मीडिया रिपोर्टों में पेट्रोल-डीजल में कथित मिलावट और खराबी (जैसे पानी या केमिकल मिलना) को लेकर उठ रहे सवालों पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने स्थिति साफ कर दी है। OMCs का कहना है कि वे देश के हर हिस्से में पेट्रोल-डीजल की क्वालिटी बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। अब तक पूरे भारत में केवल दो मामलों में ही क्लोराइड (Chloride) से जुड़े प्रदूषण (Contamination) का पता चला है।
मंत्रालय ने मंगलवार (4 अगस्त) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में पेट्रोल और डीजल में मिलावट या प्रदूषण की बात कही गई थी। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) नियमित रूप से ईंधन की गुणवत्ता की जांच करती हैं। पूरे देश में इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों की जांच
सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देशभर के 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर हर दिन 8 से 12 बार पानी की मौजूदगी (Water Ingress) की जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी का तुरंत पता लगाया जा सके। इसके अलावा 2,000 से अधिक ईंधन के सैंपल की क्लोराइड और सल्फाइड की जांच भी की गई है।
पूरे देश से लिए गए इन हजारों सैंपलों में से सिर्फ 2 पेट्रोल पंपों पर क्लोराइड की खराबी पाई गई, जिन्हें तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया। वहां ईंधन की बिक्री रोक दी गई। मंत्रालय ने बताया, "इन दोनों पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री तुरंत रोक दी गई और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई।" पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर पेट्रोल-डीजल में मिलावट या प्रदूषण पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पूरे फ्यूल सप्लाई चेन (Fuel Supply Chain) में संभावित प्रदूषण का समय रहते पता लगाने और उसे रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अभी तक सिर्फ दो शिकायत मिले
मंत्रालय ने साफ किया कि पूरे भारत में क्लोराइड की मिलावट के सिर्फ दो मामले सामने आए। मंत्रालय ने कहा, "आगे की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें 87,000 से ज्यादा आउटलेट्स पर दिन में 8-12 बार पानी की मिलावट की जांच शामिल है। क्लोराइड/सल्फाइड के लिए 2000 से अधिक सैंपल की जांच भी की गई है। अब तक पूरे देश में क्लोराइड की मिलावट के सिर्फ 2 मामले पाए गए हैं। उन पंपों से बिक्री तुरंत रोक दी गई थी।"
इस मामले में उठाए गए कदमों के बारे में मंत्रालय ने आगे कहा, "अगर किसी रिटेल आउटलेट पर कोई मिलावट या अशुद्धि पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। OMCs को पूरी ईंधन सप्लाई चेन में किसी भी संभावित मिलावट का पता लगाने के लिए पहले से कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।"
OMCs ने सभी पेट्रोल पंप मालिकों और सप्लाई चेन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में एथेनॉल वाले पेट्रोल (E-20) को लेकर बवाल मचा हुआ है।