PM Modi 7 Appeals: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (11 मई) को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से सोना नहीं खरीदने, पेट्रोल का कम उपयोग करने आदि कुछ अपील की हैं जो उनकी नाकामी का सबूत है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अब देश चलाना उनके बस की बात नहीं है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, "मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।" उन्होंने दावा किया कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें।" उन्होंने यह दावा भी किया कि देश चलाना अब 'कम्प्रोमाइज्ड पीएम' के बस की बात नहीं।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा था कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिए कदम उठाने की अपील की।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
प्रधानमंत्री ने रविवार (11 मई) को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों का सुझाव दिया।
'अमेरिका-ईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री अनजान'
कांग्रेस ने पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के प्रधानमंत्री की अपील को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री इस बात से अनजान हैं कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
विपक्षी दल ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस वैश्विक संकट से देश की अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय लोगों को मुश्किल में डालना बेहद शर्मनाक, लापरवाह और सरासर अनैतिक है।
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, "ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अब भी पूरी तरह से अनजान हैं।"
वेणुगोपाल ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक, लापरवाही और सरासर अनैतिकता है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "जब प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव और छोटी मोटी राजनीति बन जाए, तो उसका परिणाम आसन्न आर्थिक तबाही के रूप में सामने आता है।" वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार हो और योजना की कमी के परिणामस्वरूप किसी भी नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।