PM Modi Rajya Sabha Speech: 'कांग्रेस देशवासियों को ही समस्या समझती है', राज्यसभा में विपक्ष पर जमकर बरसे प्रधानमंत्री मोदी

PM मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते साल देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा, "जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 6:35 PM
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PM Modi Rajya Sabha Speech: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बीच विपक्ष का वॉक आउट, PM ने ली चुटकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देते हुए कहा कि नौजवान देश को तेजी से आग बढ़ा रहे हैं। PM मोदी ने जैसे ही राज्यसभा में बोलना शुरू किया, विपक्ष के सासंदों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि, कुछ ही देर बाद विपक्ष ने सदन से वॉक आउट कर दिया। PM मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते साल देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। उन्होंने कहा, "जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है। "

राज्यसभा में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:

  • कांग्रेस केवल कल्पना कर सकती है, ज़मीन पर काम करने और उसे लागू करने से उसका कोई लेना-देना नहीं रहा है। असम में बना बोगीबील ब्रिज, जो असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ता है, एक बेहद अहम परियोजना थी। यह पुल कई दशकों तक अटका रहा। प्रगति (PRAGATI) पहल के तहत हमने इस परियोजना की समीक्षा की और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इसका लाभ पूरे पूर्वोत्तर भारत को मिला और क्षेत्र के विकास को नई गति मिली।
  • कांग्रेस के शासन की कार्यशैली रही है- लटकाना, अटकाना, भटकाना। ये लोग सिर्फ जीप और खच्चर वाला मॉडल ही जानते हैं। मैं एक बात बताना चाहता हूं- जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, उसके पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की थी। विषय तो पक्का हो गया, सरदार साहब नहीं रहे। नेहरू जी ने शिलान्यास किया, लेकिन उसका उद्घाटन मैंने किया जब प्रधानमंत्री बना... ये इनका (कांग्रेस) हाल है।
  • हमने यह सुनिश्चित किया कि युवा और प्रतिभाशाली अधिकारियों को क्षेत्र के विकास के लिए पूरे तीन साल का समय दिया जाए, ताकि वे अपना योगदान दे सकें। छत्तीसगढ़ का बस्तर जिला, जिसे कभी आकांक्षी जिला कहा जाता था, आज बस्तर ओलंपिक के आयोजन को लेकर सुर्खियों में है। कुछ गांवों में पहली बार बसें पहुंची हैं, जो संपर्क और विकास में बड़ी प्रगति का संकेत है। सही तरीके से लागू की गई योजनाएं क्या कर सकती हैं, यह बात आकांक्षी जिला का यह उदाहरण साफ़ तौर पर दिखाता है।
  • कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। छोटे किसानों की तरफ कभी देखा नहीं गया।  लेकिन हमारे दिल में छोटे किसानों के प्रति एक दर्द था, जमीनी हकीकतों से परिचित थे और उसी के कारण हम पीएम किसान सम्मान निधि योजना लेकर के आए। और अब इतने कम समय में हमारे छोटे किसानों के खाते में 4 लाख करोड़ रुपए हमने दिया है।
  • तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छुपाओगे। कांग्रेस हो, TMC हो, DMK हो, लेफ्ट हो... ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी- उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी। आज डील की चर्चा होती है, तो गर्व से कहते हैं और तब डील की चर्चा होती थी, तो बोफोर्स डील आ जाता था... ये डील होते थे।
  • हमारे TMC के साथियों ने काफी कुछ कहा, जरा खुद तो अपनी गिरेबान में देखें। निर्मम सरकार पतन के जितने भी पैरामीटर्स हैं, उसमें नए-नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है, और उनके नेता यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसी निर्मम सरकार के कारण वहां (पश्चिम बंगाल) के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, लेकिन उनको कोई मतलब नहीं है। दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां से गैर कानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है, पर हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है। देश का नौजवान कैसे ऐसे लोगों को माफ करेगा, जो उनका हक छीन रहे हैं।
  • 2014 से पहले देश में फोन बैंकिंग की संस्कृति चलती थी। इसमें नेता फोन करके बैंकों पर दबाव डालते थे और कर्ज बांटने को प्रभावित करते थे। नतीजा यह होता था कि कर्ज सही जांच के बिना ही दे दिए जाते थे। गरीब लोगों को अक्सर कर्ज नहीं मिलता था और देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी के पास बैंक खाता तक नहीं था। कांग्रेस नेताओं की सिफारिश पर कई लोगों को करोड़ों रुपये का कर्ज दिया गया, जिसे उन्होंने कभी लौटाया ही नहीं। UPA सरकार के समय इसकी वजह से देश की बैंकिंग व्यवस्था लगभग टूटने के कगार पर पहुंच गई थी।
  • आज पूरा विश्व ग्लोबल साउथ की चर्चा करता है और भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बन गया है। आज हमारे युवाओं के लिए पूरा विश्व बाजर खुल चुका है, अब उनके लिए अवसर ही अवसर हैं।
  • देश में हुए इन प्रयासों का नतीजा सबके सामने है। बड़े-बड़े देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने के लिए बहुत ही आतुर हैं। यूरोपिय संघ का ट्रेड डील हो, अभी अभी अमेरिका के साथ हुआ ट्रेड डील हो, और कल हमारे पीयूष जी ने सदन में विस्तृत जानकारी भी दी है। पूरा विश्व खुलकर इस ट्रेड डील की तारीफ कर रहा है।
  • हमारी काफी शक्ति उनकी (कांग्रेस) गलतियों को ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन में जो उनके समय की छवि है उस छवि को धोने में लगी हुई है, क्योंकि उन्होंने देश को उसी हालत में छोड़ दिया था। और इसी काम के लिए हमने फ्यूचर-रेडी पॉलिसी पर बल दिया है। आज आपने देखा होगा कि देश नीति के आधार पर चल रहा है। उसी कारण आज विश्व में देश पर विश्वास बन रहा है। आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।
  • हाल ही में किए गए व्यापार समझौतों से हमारे युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। इसमें गांव और शहर दोनों क्षेत्रों के युवा शामिल हैं, साथ ही मध्यम वर्ग से आने वाले हमारे बेटे और बेटियां भी। अब दुनिया का बाजार उनके लिए खुल गया है और उनके सामने नए अवसर मौजूद हैं। मैं अपने युवाओं को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं। दुनिया आपके हुनर और आपके सपनों का स्वागत करने के लिए तैयार है।
  • आज मेरा देश पूरा सामर्थ्य दिखा रहा है। यह तब होता है जब आपके पास आर्थिक सामर्थ्य हो, आपके नागरिकों में देश के प्रति ऊर्जा हो, और खासकर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इको-सिस्टम हो, तभी विश्व आपके साथ डील करने के लिए आगे आता है। वोटबैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने कभी भी देश के ऐसे अनेक पहलुओं को मजबूती देना प्राथमिकता नहीं समझा। जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि न तो उनके पास कोई सोच थी, न कोई विजन और न ही कोई इच्छा
  • हमने “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र को आधार बनाकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना है। इसके चलते देश अब रिफॉर्म एक्सप्रेस की राह पर चल पड़ा है। हमने ढांचागत सुधार, प्रक्रियागत सुधार और नीतिगत सुधार लागू किए हैं। हमारा फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने और उद्यमियों को सहयोग देने पर रहा है। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि भारत अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
  • देश आजाद हुआ तब हम दुनिया में छह नंबर की इकोनॉमी थे। लेकिन इन लोगों ने ऐसा हाल करके रखा कि 11 नंबर पर पहुंचा दिया। आज हम 3 नंबर पर जाने की दिशा में तेज गति से अग्रसर हैं।  आज हर क्षेत्र में भारत, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है।
  • आज मेजर इकोनॉमी में भारत की ग्रोथ बहुत हाई है। हाई ग्रोथ और लो इंफ्लेशन, ये एक यूनिक संयोग है। ये हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करता है।
  • भारत दुनिया के कई देशों के साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापार समझौते कर रहा है। हाल ही में भारत ने ऐसे नौ अहम समझौते पूरे किए हैं। इनमें सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण समझौता- जिसे अक्सर “मदर ऑफ ऑल डील” कहा जा रहा है- यूरोपियन यूनियन के 27 सदस्य देशों के साथ किया गया है।
  • जिस तरह भारत के प्रति विश्व का आकर्षण बढ़ा है, उसमें भी विश्व, भारत के टैलेंट का माहत्म्य समझ रहा है। आज हमारे पास दुनिया का बहुत ही महत्वपूर्ण युवा टैलेंट पुल है, जिसके पास सपने भी हैं, संकल्प भी है और सामर्थ्य भी है। शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उन चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बना हुआ है।
  • आज दुनिया तेजी से एक नए वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। अगर हम मौजूदा हालात और परिस्थितियों को बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के देखें, तो साफ नजर आता है कि दुनिया का झुकाव धीरे-धीरे भारत की ओर बढ़ रहा है। विश्वमित्र और विश्वबंधु के रूप में भारत कई देशों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है।
  • सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश है।
  • राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि... सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है।
  • 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

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