PM Modi ने Vikram-1 मिशन को बताया ऐतिहासिक, युवाओं से की लॉन्च देखने की अपील

Vikram-1 Rocket Launch: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के पहले निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम-1 के लॉन्च से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को शुभकामनाएं दीं।

अपडेटेड Jul 18, 2026 पर 11:23 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
PM Modi ने Vikram-1 मिशन को बताया ऐतिहासिक

Vikram-1 Rocket Launch: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के पहले निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम-1 के लॉन्च से पहले स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि विक्रम-1 का लॉन्च सुबह 11:30 बजे निर्धारित है। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत के तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

पीएम मोदी ने X पर लिखा, "भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नई उपलब्धि है।"


प्रधानमंत्री मोदी ने आगे अपने पोस्ट कहा कि यह मिशन भारत के युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमिता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह लॉन्च यह भी दिखाता है कि देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधार किस तरह इनोवेशन और उद्यम के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को मिशन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विक्रम-1 "ऊंची उड़ान भरेगा, इतिहास रचेगा और इनोवेटर्स की एक पीढ़ी को प्रेरित करेगा।" उन्होंने भारतीयों, खासकर युवाओं से भी इस लॉन्च को देखने और मिशन का समर्थन करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मैं सभी भारतीयों, खासकर अपने युवा दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे इस ऐतिहासिक मिशन को फॉलो करें और #IndiaWithVikram1 का इस्तेमाल करके टीम स्काईरूट को सफलता के लिए शुभकामनाएं दें।"

विक्रम-1 रॉकेट लॉन्च

भारत के स्पेस प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर रखे गए 'विक्रम-1' रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) के लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया जाएगा।

सात मंजिला ऊंचे इस लॉन्च व्हीकल को 450 किलोमीटर की 'लो अर्थ ऑर्बिट' (पृथ्वी की निचली कक्षा) में पेलोड यानी उपग्रहों को पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन जाएगा, जिसके पास ऑर्बिटल लॉन्च करने में सक्षम प्राइवेट कंपनी होगी।

स्काईरूट एयरोस्पेस के मुताबिक, उसका लक्ष्य अंतरिक्ष तक पहुंच को आसान बनाना है। कंपनी इसे "स्पेस के लिए कैब सर्विस" जैसा बताती है, यानी जिस तरह लोग अपनी जरूरत के हिसाब से कैब बुक करते हैं, उसी तरह कंपनियां अपनी जरूरत के मुताबिक रॉकेट की सेवा लेकर किसी खास ऑर्बिट में सैटेलाइट भेज सकेंगी या स्पेस स्टेशन तक पहुंच बना सकेंगी।

यह भी पढ़ें: VIDEO: जबरन घसीटते हुए ले गई पुलिस... आ गया पूरा वीडियो, वांगचुक की पत्नी ने पुलिस को दी ये चेतावनी

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।