'मैं इस समझौते का...' अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली डील पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, जानें क्या कहा

US-Iran Deal: अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है और कई देशों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 2:38 PM
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के साथ उम्मीद है कि इलाके में शांति और स्थिरता आएगी। साथ ही आवाजाही, व्यापार की स्वतंत्रता फिर से बहाल होगी। पीएम मोदी ने कहा कि इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक अड़चनें खड़ी हुईं और कई देशों को जानमाल का नुकसान हुआ।

पीएम मोदी ने कही ये बात

अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है और कई देशों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि इस समझौते को सही तरीके से लागू किए जाने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौटेगी। साथ ही लोगों और सामान की आवाजाही तथा व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत को भरोसा है कि बाकी बचे मुद्दों का समाधान भी बातचीत के जरिए निकाला जाएगा, जिससे भविष्य में एक स्थायी और व्यापक समझौता हो सके।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता इलाके में सामान्य हालात बहाल करने में मदद करेगा और व्यापार तथा परिवहन की स्वतंत्रता को मजबूत करेगा। साथ ही उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच बाकी बचे मुद्दों का समाधान भी बातचीत के जरिए निकलेगा।

अमेरिका-ईरान डील में क्या शामिल है?

बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें सामने आई हैं कि अमेरिका और ईरान एक शुरुआती समझौते (ड्राफ्ट फ्रेमवर्क) पर सहमत हो गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी को कम करना, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत फिर से शुरू करना है। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते में ईरान को कुछ समय के लिए आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने का प्रावधान है। इसके अलावा, ईरान की विदेशों में रोकी गई कुछ संपत्तियों को जारी करने और दोनों देशों के बीच बाकी विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए 60 दिनों तक बातचीत जारी रखने की योजना भी शामिल है।

ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह व्यवस्था 14 प्वाइंट वाले एक बड़े समझौते का हिस्सा है। हालांकि, इस पूरे समझौते का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह पहल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार और क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

भारत के लिए भी अहम है ये डील

अमेरिका-ईरान कसे बीच होने वाली ये डील भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर तेल और गैस का आयात करता है। इनका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में तेल के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी। इससे दुनिया भर के देशों की चिंताएं बढ़ गई थीं।

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