अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा में वह जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का इथियोपिया का यह पहला दौरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दौरा 15 दिसंबर से 18 दिसंबर का होगा। यह यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत की बढ़ती डिप्लोमैटिक मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए काफी अहम है।
इन तीन देशों की यात्रा पर होंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 15–16 दिसंबर को जॉर्डन से करेंगे। इसके बाद वह 16–17 दिसंबर को इथियोपिया जाएंगे और फिर 17–18 दिसंबर के बीच ओमान में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। यह दौरा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने और प्रमुख साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा है। यह बहु-देशीय दौरा प्रधानमंत्री मोदी के हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुए G20 समिट में शामिल होने के तुरंत बाद हो रहा है। इस सम्मेलन में भारत ने सबके साथ मिलकर विकास और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर जोर दिया था।
हाल में किया था भूटान का दौरा
साउथ अफ्रीका यात्रा के अलावा, पीएम मोदी ने हाल ही में भूटान का दो दिन का दौरा भी पूरा किया। यह उनकी पहली आधिकारिक यात्रा थी, जब भूटान में नई सरकार ने शपथ ली थी।भूटान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत की। भारत के विदेश मंत्रालय ने भूटान के साथ भारत के रिश्तों को “एक अनोखी और मजबूत साझेदारी” बताया, जो आपसी विश्वास, समझ और सद्भावना पर आधारित है। भूटान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का ताशिचो द्ज़ोंग में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा में दोनों देशों ने आपसी सहयोग और साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने दी ये जानकारी
विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, “भारत और भूटान के बीच रिश्ता अनोखा और लंबे समय तक चलने वाला है, जो आपसी विश्वास, समझ और सद्भावना पर टिका है। हमारी साझा आध्यात्मिक विरासत और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे रिश्ते इस साझेदारी को और मजबूत बनाते हैं।” मंत्रालय ने आगे कहा कि जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की आने वाली यात्राओं से उम्मीद है कि भारत इन क्षेत्रों के साथ अपने संबंध और मजबूत करेगा। यह दौरा भारत की हाल की कूटनीतिक कोशिशों को आगे बढ़ाएगा और पश्चिम एशिया तथा अफ्रीका में साझेदारी को और गहरा करेगा।