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बंगाल में मिड-डे मील से अंडा हटने के शोर के बीच जानिए दिल्ली, यूपी, तमिलनाडु, तेलंगना समेत देश के दूसरे राज्यों में क्या मिलता है, फुल लिस्ट

पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों के मेनू से अंडे को हटा दिया गया है। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने की जिम्मेदारी इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) को सौंपने का फैसला किया है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Jun 30, 2026 पर 7:00 PM
बंगाल में मिड-डे मील से अंडा हटने के शोर के बीच जानिए दिल्ली, यूपी, तमिलनाडु, तेलंगना समेत देश के दूसरे राज्यों में क्या मिलता है, फुल लिस्ट
इस फैसले ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है

भारतीय स्कूलों में मिड-डे मील योजना (PM POSHAN) के तहत बच्चों को अंडा दिए जाने पर बहस कोई नई नहीं है। अब यह विवाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर गरमा गया है। यहां के सरकारी स्कूलों के मेनू से अंडे को हटा दिया गया है। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने की जिम्मेदारी इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) को सौंपने का फैसला किया है। इस्कॉन सिर्फ शाकाहारी भोजन ही परोसता है इसलिए अब बच्चों के मेनू में अंडे की जगह पनीर, सोया, राजमा और दालों जैसे विकल्पों को शामिल करने की चर्चा है। इस फैसले ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। वैसे राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि वह छात्रों तक अंडे की पहुंच बनाए रखने के लिए ओडिशा मॉडल को अपना सकती है।

क्या है ओडिशा मॉडल और पीएम पोषण (PM POSHAN) योजना?

ओडिशा मॉडल: इस मॉडल के तहत मिड-डे मील तैयार करने वाली मुख्य एजेंसी भोजन में अंडा नहीं देती है। इसके बजाय स्कूलों को अलग से अतिरिक्त फंड दिया जाता है। इससे वे खुद अंडे खरीदकर छात्रों को अलग से परोस सकें।

पीएम पोषण: मिड-डे मील कार्यक्रम को अब पीएम पोषण के नाम से जाना जाता है। ये दुनिया की सबसे बड़ी स्कूल फीडिंग योजनाओं में से एक है। केंद्र सरकार इसके लिए कैलोरी और प्रोटीन आवश्यकताओं सहित पोषण संबंधी मानक तय करती है लेकिन मेनू चुनने की आजादी पूरी तरह राज्यों के पास होती है। यही वजह है कि देश के अलग-अलग राज्यों में बच्चों को अलग-अलग भोजन मिलता है।

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