PM Surya Ghar Yojana: सरकार ने सब्सिडी वालों के लिए लागू किया नया नियम! सोलर पैनल लगाने पर मिलेगी खास छूट

PM Surya Ghar Yojana: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने साफ किया है कि जो लोग इस योजना के तहत सरकार से सब्सिडी नहीं लेना चाहते, वे अब ‘गिव इट अप’ का विकल्प चुन सकते हैं। इस विकल्प को चुनने के बाद लोग बिना किसी कड़े सरकारी नियम के अपनी पसंद के नॉन-डीसीआर (Non-DCR यानी विदेशी या सामान्य) सोलर पैनल भी लगवा सकेंगे

अपडेटेड Jun 10, 2026 पर 2:16 PM
PM Surya Ghar Yojana: सरकार ने सब्सिडी वालों के लागू किया नया नियम! सोलर पैनल लगाने पर मिलेगी खास छूट

गर्मियों के मौसम में भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान होकर लोग तेजी से अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। सरकार भी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के जरिए इसे बढ़ावा दे रही है। इस बीच, सरकार ने आम जनता और सोलर इंडस्ट्री के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा फैसला लिया है, जिससे अब घर पर सोलर पैनल लगवाना और भी आसान और लचीला हो जाएगा।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने साफ किया है कि जो लोग इस योजना के तहत सरकार से सब्सिडी नहीं लेना चाहते, वे अब ‘गिव इट अप’ (Give It Up) का विकल्प चुन सकते हैं। इस विकल्प को चुनने के बाद लोग बिना किसी कड़े सरकारी नियम के अपनी पसंद के नॉन-डीसीआर (Non-DCR यानी विदेशी या सामान्य) सोलर पैनल भी लगवा सकेंगे।

यह नया नियम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा।


क्या है पूरा मामला और क्या बदला नियम?

दरअसल, सरकार ने पहले नियम बनाया था कि योजना का लाभ लेने के लिए भारत में बने (DCR) सोलर पैनल और सरकार की मंजूरशुदा लिस्ट (ALMM) के पैनल लगाना ही जरूरी होगा। इसका मकसद देश के घरेलू सोलर कारोबार को बढ़ावा देना था।

लेकिन अब नए फैसले के मुताबिक, जो लोग सरकार से सब्सिडी छोड़ने (Give It Up करने) को तैयार हैं, उन्हें इस कड़े नियम से छूट मिल जाएगी। वे अपनी मर्जी और बजट के हिसाब से बाजार में मौजूद कोई भी सोलर पैनल चुन सकते हैं। हालांकि, यह छूट सिर्फ घरों की छतों पर लगने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ही है।

‘गिव इट अप’ विकल्प चुनने के बाद भी आपको नेट मीटरिंग (जिससे बची हुई बिजली सरकार को बेची जाती है) की सुविधा मिलती रहेगी, बस केंद्र सरकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसके लिए आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है, पीएम सूर्य घर के नेशनल पोर्टल पर ही इसका ऑप्शन मिल जाएगा।

आम जनता को इससे क्या फायदा होगा?

  • ज्यादा विकल्प और कम कीमत: फिलहाल देश में भारतीय मानकों (DCR) वाले सोलर पैनलों की मांग बहुत ज्यादा है और सप्लाई कम है, जिससे कई बार ये महंगे मिलते हैं। अब छूट मिलने से लोग सस्ते और आसानी से मिलने वाले दूसरे पैनल भी चुन सकेंगे।
  • जल्दी होगा काम: पैनल की कमी के कारण जो काम अटका हुआ था, वह अब अपनी पसंद के पैनल चुनकर जल्दी पूरा कराया जा सकेगा।

सब्सिडी लें या छोड़ें?

आमतौर पर एक घर के लिए 3 किलोवाट (kW) का सोलर सिस्टम लगवाने में 1.8 लाख से 2.3 लाख रुपये तक का खर्च आता है।

  • अगर आप सब्सिडी लेते हैं: तो केंद्र सरकार की तरफ से आपको 78,000 रुपये तक की बड़ी छूट मिलती है, लेकिन आपको सिर्फ सरकारी नियमों वाले पैनल ही लगाने होंगे।
  • अगर आप सब्सिडी छोड़ते हैं (Give It Up): तो आपको यह 78,000 रुपये नहीं मिलेंगे, लेकिन आप अपनी पसंद और कम बजट वाले नॉन-डीसीआर पैनल लगवाकर शुरुआत में ही अपना खर्च मैनेज कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

जानकारों का कहना है कि सरकार का यह कदम बहुत व्यावहारिक है क्योंकि बाजार में पैनलों की कमी थी। हालांकि, उपभोक्ताओं को सब्सिडी छोड़ने का फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए, क्योंकि कई राज्यों में केंद्र के अलावा राज्य सरकारें भी अलग से अतिरिक्त सब्सिडी देती हैं, जिससे सोलर लगवाना बेहद सस्ता हो जाता है।

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