PM Surya Ghar Muft Bijli: अगर आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपके लिए यह बेहद जरूरी खबर है। भविष्य की बिजली जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फरवरी 2024 में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' शुरू की थी जिसके बंद होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) की आधिकारिक वेबसाइट पर चल रहे लाइव काउंटर के मुताबिक, इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली बंपर सब्सिडी का लाभ केवल 31 मार्च 2027 तक ही उठाया जा सकेगा।
सोलर रेस में लखनऊ नंबर-1, वाराणसी दूसरे स्थान पर
उत्तर प्रदेश में इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी लखनऊ इस योजना का लाभ उठाने में पूरे प्रदेश में टॉप पर है। यहां अब तक 10856 घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे रिकॉर्ड 373 मेगावाट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है।
वहीं पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर है। वाराणसी में 9 जून तक 43000 घरों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिससे 145.30 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है।
सोलर पैनल लगवाने पर कितना आता है खर्च और कितनी मिलती है सब्सिडी?
इस योजना के तहत सरकार आम जनता पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को सब्सिडी के जरिए बहुत कम कर देती है। खर्च और सब्सिडी का गणित इस प्रकार है:
2 किलोवाट का सोलर प्लांट: इसे लगाने पर कुल खर्च करीब ₹1.20 लाख आता है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹60000 और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ₹30000 की सब्सिडी मिलती है। यानी कुल ₹90000 की सरकारी मदद के बाद उपभोक्ता को अपनी जेब से केवल ₹30000 लगाने होते हैं।
3 किलोवाट का सोलर प्लांट: 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।
क्या 31 मार्च 2027 के बाद पूरी तरह बंद हो जाएगी योजना?
जब फरवरी 2024 में इस पीएम सूर्य घर योजना को लॉन्च किया गया था, तब सरकार ने पूरे देश में 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा था और इसके लिए 3 साल की समय सीमा तय की थी, जो 31 मार्च 2027 को पूरी हो रही है।
हालांकि, इसे लेकर वाराणसी नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी एस.के. गुप्ता ने एक बड़ा अपडेट दिया है। उनका कहना है कि सोलर एनर्जी के क्षेत्र में देश को मिल रही शानदार सफलता और भविष्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को देखते हुए यह योजना पूरी तरह बंद नहीं होगी, बल्कि इसके स्वरूप या लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है।