हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर संसद में सियासी बवाल! खड़गे ने BJP पर लगाया 'छुआछूत' का आरोप, नड्डा ने किया पलटवार

Haldwani Shuddhikaran Row: मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार (13 अगस्त) को राज्यसभा में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई एक 'शुद्धिकरण' को लेकर राजनीतिक टकराव हुआ। यह रस्म कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 8 अगस्त को वहां एक रैली को संबोधित करने के बाद की गई थी

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 1:40 PM
Haldwani Shuddhikaran Row: हल्द्वानी के जिस रामलीला मैदान में खड़गे ने रैली की थी, उसका ‘शुद्धिकरण’ किया गया था

Haldwani Shuddhikaran Row: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान को लेकर गुरुवार (13 अगस्त) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। गुरुवार को राज्यसभा में 'शुद्धिकरण' रस्म को लेकर राजनीतिक टकराव हुआ। खड़गे ने उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके दौरे के बाद उस जगह पर शुद्धिकरण की रस्म निभाई गई। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा काम लोकतंत्र के अनुकूल है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "...मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहाँ हवन किया... क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता (LoP) हूं...।"

उन्होंने इस घटना को संविधान का अपमान करार देते हुए कहा कि वह इसे एक राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाना चाहते हैं। खड़गे ने कहा, "यह संविधान का अपमान है।" कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्होंने संसद में कई साल बिताए हैं। उन्होंने उस हरकत पर आपत्ति जताई जिसे उन्होंने अपने प्रति 'छुआछूत' का व्यवहार बताया।


उन्होंने आगे कहा, "मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं बरसों से इस सदन का सदस्य रहा हूं। मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं... मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो। मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं। लेकिन आप मेरे साथ छुआछूत जैसा व्यवहार करते हैं, 'शुद्धिकरण' करते हैं और मेरा अपमान करते हैं।"

नड्डा ने BJP का संबंध होने से इनकार किया

वहीं, खड़गे के आरोपों पर BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। लेकिन खड़गे के इस दावे को खारिज कर दिया कि इसके पीछे BJP कार्यकर्ता थे। नड्डा ने कहा कि इसमें शामिल लोग BJP के सदस्य नहीं थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी ऐसे व्यवहार का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा, "खड़गे जी ने जो कहा वह वाकई दुखद है... न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हम सभी के लिए... बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। लेकिन मैं यह साफ करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं।"

नड्डा ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पार्टी के शामिल होने से इनकार करने और जांच का वादा करने के बाद भी खड़गे BJP को ही जिम्मेदार ठहराते रहे। नड्डा ने कहा, "मैंने पहले ही कहा है कि BJP ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। यह हम सबके लिए, पूरे देश के लिए अफसोस की बात है। हम इसकी जांच करेंगे। लेकिन अगर खड़गे साहब कहते हैं कि आप ऐसा करते हैं, तो यह सही नहीं है।"

राज्यसभा सभापति ने भी घटना की निंदा की

बहस के दौरान राज्यसभा सभापति ने दखल देते हुए कहा कि खड़गे का कथित अपमान सदन में मौजूद हर व्यक्ति का अपमान माना जाएगा। सभापति ने कहा, "अगर खड़गे जी का अपमान होता है, तो सबका अपमान होता है।" सभापति ने यह भी कहा कि राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठकर इस घटना की निंदा की जानी चाहिए। साथ ही जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दी जानी चाहिए। सभापति ने आगे कहा कि इस हरकत के पीछे जो लोग हैं, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए।

हल्द्वानी में क्या हुआ था?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान किया गया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिस 'श्री राम सेना' संगठन ने यह 'शुद्धिकरण' किया। वह BJP से जुड़ा है। हालांकि, BJP ने इस आरोप का खंडन किया।

गोदियाल ने दावा किया कि यह अनुष्ठान इसलिए किया गया क्योंकि खरगे दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने BJP पर जाति के नाम पर समाज में बंटवारा करने का आरोप लगाया। इस अनुष्ठान को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए गोदियाल ने दावा किया कि इससे कांग्रेस और BJP की विचारधारा में बुनियादी अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दक्षिणपंथी संगठन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।

बीजेपी का 'श्री राम सेना' से किनारा

वहीं, BJP ने 'श्री राम सेना' से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया और कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दावा किया कि रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए जिनसे सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक महत्व की जगह है। वहां किसी दूसरे धर्म से जुड़े नारे लगाने से लोग नाराज हुए।

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