उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट ने मौत की वजहों को लेकर चल रहे तमाम कयासों और दावों पर से पर्दा उठा दिया है।
क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का (Blood Clot) ऊपर की ओर बढ़ा, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण फैल गया। इसी संक्रमण के चलते उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जो आखिरकार मौत का कारण बना।
रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रतीक के शरीर पर चोट या संघर्ष का कोई भी निशान नहीं मिला है। उनके जिम पार्टनर की ओर से किए गए उस दावे को बल नहीं मिला है, जिसमें कहा गया था कि बेडरूम में गिरने से सिर पर चोट लगी थी।
विसरा और हार्ट को रखा गया सुरक्षित
हालांकि प्राथमिक रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आई है, लेकिन मौत की 'अंतिम और सटीक' वजह को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों ने एहतियात बरती है:
3 डॉक्टरों के पैनल ने की वीडियोग्राफी के बीच जांच
पोस्टमार्टम की संवेदनशीलता को देखते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल बनाया गया था। डॉ. मौसमी सिंह के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा शामिल रहीं। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई और चेस्ट का एक्स-रे भी लिया गया।
इससे पहले CNN-News18 ने अस्पताल सूत्रों के हवाले से बताया था- सुबह करीब 4:55 बजे प्रतीक यादव के घर से अस्पताल में फोन आया था। फोन पर बताया गया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है और तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत है।
सूचना मिलते ही डॉक्टरों की टीम तुरंत उनके घर पहुंची, लेकिन सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों के पहुंचने तक प्रतीक यादव कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5:55 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे प्रतीक
राजनीति की चकाचौंध से दूर जिम और रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। वे लंबे समय तक मुंबई में इलाज कराने के बाद लौटे थे। उन्हें डायबिटीज, हाई बीपी और सांस फूलने की समस्या थी।
तीन दिन पहले ही उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके फेफड़ों में खून जमने की बात सामने आई थी। सूत्रों के अनुसार, वे पूरी तरह ठीक होने से पहले ही अस्पताल से घर लौट आए थे।
प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और उनके करीबियों में शोक की लहर है। अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में मेडिकल साइंस की अंतिम मुहर लगेगी।