Project Cheetah: बोत्सवाना के नर चीता की नई पीढ़ी, भारत में जन्मी चीता KJP21 बनी मां, 5 हेल्दी शावकों को दिया जन्म

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट शेयर कर बताया कि, प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक और खुशी की खबर सामने आई है। 32 महीने की भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने आज कुनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 4:59 PM
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि, इन पांच शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंश की भी शुरुआत हुई है

Project Cheetah: प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत को एक और बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी 32 महीने की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। KJP21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है, जिसने देश में ही शावकों को जन्म दिया है। इन पांच नए शावकों के जन्म के साथ ही देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें से 41 ऐसे चीते हैं, जो भारत में ही पैदा हुए हैं। ये उपलब्धि देश में चीता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पांच शावकों को दिया जन्म

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर इस खुशखबरी की जानकारी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि, "प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक और खुशी की खबर सामने आई है। 32 महीने की भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने आज कुनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। KJP21 भारत में जन्मी तीसरी ऐसी मादा चीता है, जिसने देश में ही बच्चों को जन्म दिया है। इससे पहले मुखी और KGP12 भी शावकों को जन्म दे चुकी हैं।" मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि देश में चीतों की संख्या बढ़ाने और उनकी नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है।


 

बोत्सवाना वंश की हुई शुरुआत

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि, इन पांच शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंश की भी शुरुआत हुई है, क्योंकि इनके पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं। इससे भारत में बढ़ रही चीतों की आबादी में एक नया जेनेटिक वंश जुड़ गया है। भारत की धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म देश में चीतों को फिर से बसाने की शानदार कहानी में एक नया और खूबसूरत अध्याय जोड़ता है। भूपेंद्र यादव ने इस सफलता के लिए पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, अधिकारियों और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन सभी की मेहनत, लगन और लगातार किए गए प्रयासों की वजह से यह उपलब्धि हासिल हो सकी है।

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