पुणे की रहने वाली विदुला बेम्बलकर (Vidula Bembalkar) ने AI का ऐसा इस्तेमाल कर दिखाया है जिसमें उन्होंने न सिर्फ अपने 1.5 लाख रुपये बचाए बल्कि अपनी चर्चा कराने पर भी लोगों को मजबूर कर दिया है। जब उनके वकील ने प्रॉपर्टी के कागज में नाम बदलने के लिए 1.5 लाख रुपये मांगे तो उन्होंने ChatGPT और Gemini की मदद से यही काम सिर्फ 2,432 रुपये में करा लिया। विदुला 38 साल की टेक प्रोफेशनल हैं।
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक विदुला बेम्बलकर को अपनी प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड में नाम बदलवाना था। यह एक जरूरी कानूनी प्रक्रिया थी जिसके लिए ज्यादातर लोग वकील की मदद लेते हैं। विदुला ने भी शुरुआत में यही किया और एक वकील से संपर्क किया, लेकिन वकील की बताई फीस सुनने के बाद उन्होंने खुद ही इस काम को करने के बारे में सोचा।
1.5 लाख सुनकर खुद करने की ठानी
जब विदुला ने इसके लिए वकील से बात की तो उसने 1.5 लाख रुपये फीस बता दी। इतने पैसे सुनकर उन्होंने सोचा कि क्यों न खुद ही इसे किया जाए। विदुला की ये कोशिश कामयाब रही और उन्होंने बिना वकील की मदद के ही सस्ते में अपना काम पूरा कर लिया।
विदुला ने ChatGPT और Google Gemini से पूछा कि प्रॉपर्टी में नाम कैसे बदलते हैं। AI ने उन्हें स्टेप बाय स्टेप पूरा प्रोसेस बता दिया। उन्होंने AI के बताए तरीके से ऑनलाइन फॉर्म भरा। उनका कहना है कि इसमें सिर्फ 10 मिनट लगे और सरकारी फीस के तौर पर 2,432 रुपये ही लगे।
सरकारी काम खुद करना भी आसान
विदुला ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि हम लोग अक्सर सरकारी कामों को जरूरत से ज्यादा मुश्किल समझ लेते हैं। उन्हें लगता है कि बिना किसी एक्सपर्ट के ये काम हो ही नहीं सकता, इसलिए लोग ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हो जाते हैं।
अगर सही जानकारी और सही तरीका पता हो तो कई ऐसे काम हैं जो हम खुद से भी आसानी से कर सकते हैं। बस थोड़ी रिसर्च और तकनीक का सही इस्तेमाल करने की जरूरत है।AI टूल्स अब ऐसे ही कामों में लोगों की मदद कर रहा है, लेकिन प्रॉपर्टी जैसे जरूरी और कानूनी कामों में सिर्फ AI पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
Disclaimer: AI की बताई जानकारी को एक बार सरकारी विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से जरूर चेक कर लेना चाहिए। क्योंकि हर राज्य और हर मामले में नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए दस्तावेज जमा करने से पहले पूरी पुष्टि करना जरूरी है।