वंदे मातरम की चर्चा में शामिल नहीं हुए राहुल गांधी और प्रियंका, बीजेपी ने बताया बड़ा अपमान

Vande Mataram Discussion : BJP नेता सीआर केसवन ने लिखा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वंदे मातरम और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, तब विपक्ष के नेता राहुल गांधी नजर नहीं आए। इससे उनकी देशभक्ति से जुड़े इस गीत के प्रति अनदेखी साफ दिखती है।” हालांकि, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने इशारा किया था कि प्रियंका गांधी इस विषय पर बोल सकती हैं

अपडेटेड Dec 08, 2025 पर 2:43 PM
लोकसभा में वंदे मातरम पर हुई चर्चा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल नहीं हुए

लोकसभा में वंदे मातरम पर हुई चर्चा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल नहीं हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद विपक्ष की ओर से चर्चा की जिम्मेदारी कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संभाली। इसी बीच, BJP नेता सीआर केसवन ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चर्चा में शामिल न होकर राहुल गांधी ने राष्ट्रीय गीत का अपमान किया है।

भाजपा नेता ने साधा निशाना

BJP नेता सीआर केसवन ने लिखा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वंदे मातरम और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, तब विपक्ष के नेता राहुल गांधी नजर नहीं आए। इससे उनकी देशभक्ति से जुड़े इस गीत के प्रति अनदेखी साफ दिखती है।” हालांकि, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने इशारा किया था कि प्रियंका गांधी इस विषय पर बोल सकती हैं। वंदे मातरम पर बहस शुरू होने से पहले उन्होंने कहा था, “प्रियंका का भाषण सुनिए।”

पीएम मोदी ने लोकसभा में दिया संबोधन 

बता दें कि सदन में यह चर्चा वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा मजबूत अभियान शुरू करना है, जिससे लोग फिर से इस गीत की असली क्रांतिकारी भावना से जुड़ सकें। सोमवार दोपहर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ बहस की शुरुआत हुई। उम्मीद है कि मंगलवार को राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह भी इस मुद्दे पर बोलेंगे। पार्लियामेंट ने राष्ट्रीय गीत पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया है। यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब करीब एक महीने पहले इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। उस वक्त प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि पार्टी ने 1937 में फैजाबाद में हुए अपने सेशन में 'वंदे मातरम' के कुछ जरूरी छंद हटाए थे। पीएम मोदी के मुताबिक, कांग्रेस के इन फैसलों ने "बंटवारे के बीज बोए" और "राष्ट्रीय गीत को विभाजित कर दिया।"


पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना 

सोमवार को अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने कहा, “पिछली सदी में कुछ ताकतों ने हमारे नेशनल सॉन्ग के साथ विश्वासघात किया। यह हमारा कर्तव्य है कि हम आने वाली पीढ़ियों को सच बताएं कि ऐसा किसने किया।” PM मोदी ने कहा कि आज़ादी से पहले मोहम्मद अली जिन्ना की अगुवाई में मुस्लिम लीग ने 1937 में वंदे मातरम के खिलाफ अभियान चलाया था। लेकिन कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू ने इस विरोध का मुकाबला करने की जगह, खुद वंदे मातरम की जांच शुरू कर दीउन्होंने बताया कि नेहरू ने जिन्ना के विरोध के बाद सुभाष चंद्र बोस को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि वंदे मातरम की पृष्ठभूमि पढ़ने के बाद उन्हें लगा कि इससे कुछ मुसलमान नाराज़ हो सकते हैंइसलिए वे इस गीत के इस्तेमाल की जांच करवाएंगे और यह भी बंगाल में, जहां बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रहते थे

अपने भाषण में PM ने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के 100 साल पूरे होने के समय देश का संविधान “दम तोड़ रहा था” और लोकतंत्र दबा दिया गया था।

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