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'ये शिव की बारात है कोई भी आ सकता है'; सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर बोले राहुल गांधी, आज SC में याचिका दायर करेगा 'इंडिया' गठबंधन

Rahul Gandhi March: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष के आंदोलन का उल्लेख करते हुए इसमें सभी लोगों से शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह "भगवान शिव की बारात" है, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है। गांधी ने कहा कि इस मार्च में कोई भी जीव आ सकता है। हम किसी को नहीं रोकेंगे

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 12, 2026 पर 2:20 PM
'ये शिव की बारात है कोई भी आ सकता है'; सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर बोले राहुल गांधी, आज SC में याचिका दायर करेगा 'इंडिया' गठबंधन
Rahul Gandhi March: सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि यह तांडव है, भगवान शिव का नृत्य है। इसमें कोई योजना शामिल नहीं है

Rahul Gandhi March: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि वह और विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि संविधान बचाने की लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च में लोगों से शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि ये भगवान शिव की बारात है। इसमें कोई भी आ सकता है। उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि लोगों को देश की राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है। साथ ही बसों तथा ट्रेनों से उतारा जा रहा है।

राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च से पहले पत्रकारों से कहा कि दिल्ली को पूरी तरह से किले में तब्दील कर दिया गया है। हजारों पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। राहुल गांधी ने कहा, "हमने CJI को पत्र लिखा था। उन्होंने हमें याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया।"

'INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा, "अब 'वोट चोरी' के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और याचिका दाखिल करेंगे। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस लड़ाई में देशवासियों, आइए हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। कनॉट प्लेस पहुंचें और इस मार्च का हिस्सा बनें। अगर नहीं आ सकते, तो जहां हैं, वहीं से अपनी आवाज बुलंद करें।"

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