VIDEO: राहुल गांधी पर महिला पत्रकार से बदसलूकी का आरोप, गर्भवती रिपोर्टर ने बताया- मार्च के दौरान कैसे गिरीं; BJP भड़की

Rahul Gandhi Vs Female Journalist: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। भंडारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही प्रेग्नेंट पत्रकार ऋचा पराशर को राहुल गांधी ने कथित तौर पर पकड़कर खींचा और जमीन पर गिरा दिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 1:31 PM
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Rahul Gandhi Vs Female Journalist: बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पत्रकार ऋचा परासर से अस्पताल जाकर की मुलाकात

Rahul Gandhi Vs Female Journalist: राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी करने का आरोप लगा है। OneIndia की पत्रकार ऋचा पराशर ने News18 के साथ बातचीत में दावा किया कि राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़कर अपनी ओर से खींचा और फिर धक्का देकर उन्हें दूर कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि इसके बाद राहुल गांधी के सुरक्षा कर्मियों ने भी उन्हें धक्का दिया, जिससे वह सुप्रीम कोर्ट के बाहर सीढ़ियों पर गिर गईं। इस दौरान उन्हें चोटें आईं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी प्रदीप भंडारी ने पीड़िता से अस्पताल में जाकर मुलाकात की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता पर महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। भंडारी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही महिला पत्रकार ऋचा को राहुल गांधी ने कथित तौर पर पकड़कर खींचा और जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

महिला पत्रकार ने क्या कहा?


इस घटना ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। ऋचा ने इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि वह गर्भावस्था की पहली तिमाही में हैं। उनके मुताबिक, गिरने के दौरान उन्होंने अपने पेट को हाथों से बचाने की कोशिश की। दूसरी ओर, कांग्रेस ने राहुल गांधी पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें झूठ बताया है।

'राहुल गांधी के करीब खड़ी थीं पत्रकार, दोबारा माइक बढ़ाने पर हुई घटना'

ऋचा पराशर ने News18 को बताया कि वह राहुल गांधी के बाहर आने से पहले उनके नजदीक खड़ी थीं। उनका उद्देश्य राहुल गांधी की प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करना था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे मीडिया संस्थानों के पत्रकार राहुल गांधी के बयान रिकॉर्ड कर रहे थे, तब उन्होंने भी दूसरी बार अपना माइक उनकी ओर बढ़ाया। पत्रकार के मुताबिक, इसी दौरान राहुल गांधी उनकी तरफ आए और उनका हाथ पकड़कर खींचा। ऋचा ने कहा कि वह इस व्यवहार से हैरान रह गईं और उन्हें समझ नहीं आया कि अचानक ऐसा क्यों हुआ।

उन्होंने अपने अनुभव को बताते हुए कहा, "मैं हैरान रह गई। वह आगे आए और उन्होंने मेरे हाथ के इस हिस्से को पकड़ लिया और मुझे अपनी दिशा में खींच लिया।" ऋचा ने दावा किया कि उन्होंने तुरंत राहुल गांधी से कहा कि उन्हें धक्का न दें और वह वहां से हट रही हैं। उनके अनुसार, उन्होंने बार-बार कहा, "सर, धक्का मत दीजिए, हम जा रहे हैं।"

सुरक्षा कर्मियों पर भी धक्का देने का आरोप, सीढ़ियों पर गिर गईं पत्रकार

ऋचा पराशर का आरोप है कि घटना के कुछ ही सेकंड बाद राहुल गांधी के साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने भी उन्हें धक्का दिया। इससे वह अपना संतुलन खो बैठीं और सुप्रीम कोर्ट के बाहर सीढ़ियों पर मुंह के बल गिर गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने कैमरा पर्सन को कोहनी मारी, जिसके बाद वह भी गिरकर उनके ऊपर आ गए। पत्रकार के अनुसार, वहां मची अफरा-तफरी के दौरान कुछ अन्य लोग भी उनके ऊपर गिर पड़े।

ऋचा ने बताया कि इस घटना के बाद वह चोटिल अवस्था में सीढ़ियों पर थीं और अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रही थीं। उनका कहना है कि उस समय उनका माइक भी गिर गया था। ऋचा ने इंटरव्यू में बताया कि गिरने के बाद वह लगातार चिल्ला रही थीं और लोगों से घटना को कैमरे में रिकॉर्ड करने की अपील कर रही थीं। उनके अनुसार, वह कह रही थीं कि कैमरा चालू किया जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। उन्होंने बताया कि उनके मुताबिक, राहुल गांधी के साथ मौजूद कुछ लोगों ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। इस पर उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि वे अपने कैमरे चालू करें और जो हुआ है, उसे रिकॉर्डिंग में दिखाएं।

राहुल के सपोर्ट में नारे लगा रहे थे लोग

ऋचा ने कहा कि घटना के दौरान वह रो रही थीं और अपनी बात सुनाने के लिए आवाज लगा रही थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वहां मौजूद कुछ लोग राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगा रहे थे और उन्हें तत्काल मदद मिलने में देरी हुई। पत्रकार के मुताबिक, बाद में उन्होंने OneIndia की अपनी टीम से संपर्क किया। टीम ने उनका साथ दिया और उनसे घटना से संबंधित फुटेज शेयर करने को कहा। इसके बाद उनकी बहन, पति और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंचे।

गर्भावस्था की पहली तिमाही में हैं ऋचा, पेट को हाथों से बचाया: रिपोर्ट

इस मामले में सबसे संवेदनशील पहलू ऋचा पराशर की गर्भावस्था का है। उन्होंने News18 से बातचीत के दौरान बताया कि वह गर्भावस्था की पहली तिमाही में हैं। उन्होंने अब तक अपनी गर्भावस्था को सार्वजनिक नहीं किया था, क्योंकि उनका जरूरी स्कैन अभी नहीं हुआ था। ऋचा के मुताबिक, अस्पताल में डॉक्टरों की ओर से उनकी गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद यह बात सार्वजनिक हुई। उन्होंने बताया कि गिरते समय उन्होंने अपने पेट को हाथों से बचाने की कोशिश की, ताकि उन्हें या गर्भस्थ शिशु को कोई गंभीर नुकसान न पहुंचे। पत्रकार ने कहा कि उन्हें राहत है कि शुरुआती जांच में किसी गंभीर आंतरिक चोट की जानकारी नहीं मिली।

'गर्दन, हाथ और पैर में दर्द'

अस्पताल से बातचीत के दौरान ऋचा ने बताया कि उन्हें गर्दन और हाथों में दर्द हो रहा था। उनका टखना मुड़ गया था और पैर के निचले हिस्से में भी चोट आई थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें बताया कि कोई गंभीर आंतरिक चोट नहीं है। हालांकि, घटना के दौरान गिरने और लोगों के ऊपर गिरने से उन्हें शारीरिक परेशानी हुई। फिलहाल, इस घटना को लेकर सामने आए आरोपों और संबंधित पक्षों के दावों के बीच विवाद बना हुआ है। पत्रकार ने अपने साथ हुई घटना का विस्तृत डिटेल्स दिया है।

कांग्रेस ने आरोपों को बताया झूठ

राहुल गांधी पर लगे आरोपों को कांग्रेस ने खारिज कर दिया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य विपक्षी पार्टी ने इन आरोपों को झूठ बताया और पत्रकार के अस्पताल पहुंचने की समय-सीमा तथा घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी ने महिला सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी के सार्वजनिक बयानों और पितृसत्ता के खिलाफ उनके नारे पर सवाल उठाए हैं। इस घटनाक्रम ने दिल्ली में INDIA ब्लॉक के मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

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