‘मारो लेकिन वीडियो मत बनाओ’ मराठी विवाद के बीच राज ठाकरे ने MNS कार्यकर्ताओं को दी सख्त सलाह

अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ MNS और शिवसेना (UBT) की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने भाषा के इस्तेमाल को हिंसक तरीके से लागू करने के खिलाफ सलाह दी और कहा, "चाहे वह गुजराती हो या कोई और, उन्हें मराठी आनी चाहिए, लेकिन मराठी न बोलने पर लोगों को पीटने की कोई जरूरत नहीं है

अपडेटेड Jul 05, 2025 पर 10:46 PM
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मराठी विवाद के बीच राज ठाकरे ने MNS कार्यकर्ताओं को दी सख्त सलाह

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक कड़ी सलाह दी। मराठी भाषा में बात न करने पर मुंबई के एक दुकानदार के साथ कथित मारपीट को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने ये बड़ी ही हैरान करने वाली सलह दी। अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ MNS और शिवसेना (UBT) की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने भाषा के इस्तेमाल को हिंसक तरीके से लागू करने के खिलाफ सलाह दी और कहा, "चाहे वह गुजराती हो या कोई और, उन्हें मराठी आनी चाहिए, लेकिन मराठी न बोलने पर लोगों को पीटने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन अगर कोई बिना मतलब ड्रामा करता है, तो आप उसके कान के नीचे दे दीजिए।"

उन्होंने घटना का वीडियो रिकॉर्ड न करने की सलाह देते हुए कहा कि पीड़ित को ही यह बताने दें कि उसके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने कहा, "और मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि अगर कोई व्यक्ति आपकी बात नहीं समझता है, तो उसे थप्पड़ मत मारो। अगर आप किसी को पीटते हैं तो घटना का वीडियो मत बनाइए। पीटे गए व्यक्ति को बताने दीजिए कि उसे पीटा गया है, आपको हर किसी को बताने की जरूरत नहीं है।"

रैली के दौरान, उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे ने "मराठी गौरव" का बचाव करते हुए कहा, "हां, अगर हमें न्याय के लिए गुंडागर्दी करनी पड़े तो हम गुंडे हैं।"


MNS कार्यकर्ताओं की ओर से एक दुकानदार पर हमला करने के मामले में फडणवीस के बयान कि मराठी के नाम पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे गुंडागर्दी करते रहेंगे।

उन्होंने कहा, "फडणवीस ने कहा कि हम भाषा के लिए गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर कोई मराठी मानुष न्याय मांग रहा है और आप हमें गुंडे कह रहे हैं, तो हां, हम गुंडे हैं, अगर हमें न्याय पाने के लिए गुंडा बनना पड़ा, तो हम गुंडागिरी करेंगे।"

महाराष्ट्र में थप्पड़ विवाद

ठाकरे बंधुओं की यह टिप्पणी MNS कार्यकर्ताओं की तरफ से भाषा विवाद को लेकर व्यक्तियों को निशाना बनाए जाने की सिलसिलेवार हिंसक घटनाओं के बीच आई है।

इससे पहले आज MNS कार्यकर्ताओं ने वर्ली में एक व्यापारी के कार्यालय में तोड़फोड़ की, क्योंकि उसने राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा था कि वह मराठी नहीं सीखेगा।

इस हफ्ते MNS के पार्टी कार्यकर्ताओं और गुंडों ने मराठी न बोलने पर मुंबई के एक दुकानदार पर हमला कर दिया। हमलावरों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि उन्होंने हमले का वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन पोस्ट कर दिया है।

MNS ने किसी भी हमले में शामिल लोगों से माफी मांगने या उन्हें फटकार लगाने से इनकार कर दिया है।

पार्टी की मुंबई इकाई के प्रमुख संदीप देशपांडे ने दावा किया कि बाबूलाल खिमजी चौधरी पर यह क्रूर थप्पड़ इसलिए बरसाए गए क्योंकि मीरा रोड उपनगर में 20 सालों से अपनी दुकान चला रहे 48 साल की चौधरी ने मराठी का ‘अपमान’ किया था। “अगर मराठी का अपमान करने की कोशिश की गई तो हम जवाब देंगे। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

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