Ram Mandir Chadhawa Chori: यूनिफॉर्म में जेब ही नहीं होगी तो कैसे करेंगे चोरी! राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के नए नियम सामने आए

Ram Mandir Chadhawa Chori: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के राम मंदिर में मिलने वाले दान की गिनती के तरीके में कई बड़े बदलाव कर रहा है। इन बदलावों का मकसद गिनती के दौरान सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करना है। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के बाद यह एक्शन लिया गया है

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 3:09 PM
Ram Mandir Chadhawa Chori: अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है

Ram Mandir Chadhawa Chori: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई बड़े बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की यूनिफॉर्म से लेकर CCTV निगरानी, सुरक्षा जांच और मंदिर परिसर से बैंक तक कैश पहुंचाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इन बदलावों का मकसद गिनती के दौरान सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को मज़बूत करना है। राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी के बाद यह एक्शन लिया गया है।

अब कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में नहीं होंगी जेबें

राम मंदिर में दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म पहले ही लागू की जा चुकी है। खास बात यह है कि इन वर्दियों में जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गिनती के दौरान कर्मचारी नकदी या कोई अन्य सामग्री अपने साथ बाहर न ले जा सकें। इसके अलावा गिनती केंद्र में कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट दोनों जगह सख्त तलाशी शुरू कर दी गई है। इससे दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पर निगरानी और मजबूत होगी।


45 दिन नहीं, अब 180 दिन तक सुरक्षित रहेगा CCTV फुटेज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CCTV रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की अवधि भी काफी बढ़ा दी है। पहले गिनती वाले कमरे की CCTV फुटेज 45 दिनों तक रखी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानी किसी भी घटना या गड़बड़ी की स्थिति में करीब छह महीने तक संबंधित CCTV रिकॉर्डिंग को जांच के लिए देखा जा सकेगा।

साधारण कैमरों की जगह लगेंगे PTZ कैमरे

चढ़ावे की गिनती केंद्र की निगरानी व्यवस्था को भी अपग्रेड किया जा रहा है। वहां लगे फिक्स्ड CCTV कैमरों को PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरों से बदला जाएगा। इन कैमरों की मदद से किसी खास जगह या गतिविधि पर कैमरे को घुमाकर नजर रखी जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति या गतिविधि को जूम करके देखा जा सकेगा।

दान की गिनती के लिए SBI के कर्मचारियों पर जोर

ट्रस्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से यह भी विचार करने को कहा है कि दान की गिनती जैसे संवेदनशील काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के बजाय बैंक के अपने कर्मचारियों को लगाया जाए। ट्रस्ट ने यह सुझाव भी दिया है कि इस काम में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को बेहतर पारिश्रमिक दिया जाए। इसके साथ ही गिनती की पूरी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में ट्रस्ट की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

मंदिर से बैंक तक नकदी ले जाने का तरीका भी बदलेगा

दान की रकम को मंदिर परिसर से SBI की ब्रांच तक ले जाने की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत नोटों के बंडलों को एक साथ पैक और सुरक्षित किया जाएगा। सके बाद उन्हें मंदिर परिसर के अंदर ही SBI के वाहन में लोड किया जाएगा। इसका उद्देश्य नकदी को मंदिर से बैंक तक ले जाने के दौरान किसी भी तरह की पिलफरेज यानी रकम में सेंधमारी की संभावना को कम करना है।

राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा नया CEO

दान की गिनती की व्यवस्था में बदलाव के साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए और पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली है। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम दौर के इंटरव्यू हुए। सर्च कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।

5,585 आवेदन से 16 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 आवेदनों में विस्तृत CV शामिल थे। जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इनमें से करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन बातचीत के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। आगे की प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इनमें रक्षा, प्रशासन, कॉरपोरेट, उद्योग, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। अब सर्च कमेटी अंतिम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करके ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपेगी। इसके बाद नए CEO की अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।

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क्यों जरूरी किए गए ये बदलाव?

राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान बड़ी मात्रा में चढ़ावा आता है। ऐसे में दान की गिनती से लेकर उसकी पैकिंग, निगरानी और बैंक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है। ट्रस्ट के नए कदमों का उद्देश्य दान की गिनती से लेकर बैंक तक पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। यानी अब राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगा। एंट्री गेट पर तलाशी ली जाएगी। साथ ही 180 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग और PTZ कैमरों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

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